बागपत। शहर में सोनीपत बस स्टैंड पर कनफेक्शनरी की दुकान करने वाले मिंटू चौहान का ऑनलाइन लेनदेन एप से जुड़ा बैंक खाता अचानक ब्लॉक हो गया। खाते में करीब चार लाख रुपये थे, जिसके ब्लॉक होने पर वह परेशान हो गया। उसे पुलिस से शिकायत करने पर पता चला कि खाते में आए संदिग्ध 40 रुपये के कारण उसे ब्लॉक कर दिया गया।
इसकी छानबीन आगे करने पर पता चला कि महाराष्ट्र के मुंबई में एक युवक के साथ करीब पांच हजार रुपये की ठगी हुई थी। उसने पुलिस के पास शिकायत की तो वहां की पुलिस ने जांच करके करीब दस खाते बंद करा दिए। दरअसल, ठगी के पांच हजार रुपये जिस खाते में पहुंचे थे, उससे आगे जिन भी दुकानदार या अन्य के खाते में रुपये भेजे गए।
उन सभी खातों को महाराष्ट्र पुलिस ने ब्लॉक करा दिया। इस तरह मिंटू चौहान के खाते में केवल 40 रुपये आए थे। वह अपने खाते को खुलवाने के लिए पिछले डेढ़ महीने से परेशान है और स्थानीय पुलिस के साथ ही महाराष्ट्र पुलिस से लगातार संपर्क कर रहा है।
n1400 रुपये आए तो खाता ब्लॉक होने से 1.5 लाख फंसे : इस तरह का कोई एक मामला नहीं है, बल्कि यहां इस तरह के मामले रोजाना साइबर अपराध थाने में पहुंच रहे हैं। इस तरह ही बागपत में रेस्टोरेंट चलाने वाले मनीष के खाते में ऑनलाइन लेनदेन एप के माध्यम से 1400 रुपये आए थे।
इसके बाद खाता ब्लॉक कर दिया गया तो छानबीन करने पर बताया गया कि हरियाणा के झज्जर से यह रुपये आए हैं। उसने पुलिस में ऑनलाइन ठगी होने की शिकायत की हुई है। मनीष को कई बार झज्जर जाकर रेस्टोरेंट होने और ठगी न करने का सबूत देना पड़ा। तब वहां से रिपोर्ट भेजकर खाता चालू कराया गया।