ईंट भट्ठों के संचालन को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जिले के 12 ईंट भट्ठों पर पहुंचकर हकीकत देखी।
भट्ठा मालिकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र, ईसी और जिग जैग प्रणाली की जांच की। भट्ठा मालिकों ने कहा जिन भट्ठों पर सभी प्रमाणपत्र और व्यवस्थाएं पूरी है, उनके संचालन की छूट मिलनी चाहिए।
बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की डॉ. पूर्णिमा के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम पहुंची। एडीएम लोकपाल सिंह और एसडीएम विवेक कुमार यादव भी टीम के साथ ईंट भट्ठों पर पहुंचे। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित सिसाना गांव में ईंट भट्ठे पर व्यवस्थाएं देखी।
संचालक विनोद गोयल से अनापत्ति प्रमाण पत्र, डीएम की ओर से जारी की जाने वाली ईसी, प्रदूषण विभाग की एनओसी, जिगजैग प्रणाली के विषय में जानकारी ली। इसके बाद गौरीपुर मोड़, सरूरपुर कलां, बालैनी, अमीनगर सराय समेत क्षेत्र के 12 ईंट भट्ठों पर व्यवस्थाएं देखी।
जिन भट्ठों पर व्यवस्थाएं आधी-अधूरी थी, उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम का कहना था कि जब तक सभी प्रमाणपत्र और व्यवस्थाएं पूरी नहीं होगी, तब तक ईंट भट्ठों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। भट्ठे प्रदूषण की बड़ी वजह बन रहे हैं, जिस कारण नई व्यवस्था लागू की गई है।
उधर, जिले में करीब 450 ईंट भट्ठे हैं, लेकिन अब तक प्रदूषण विभाग ने 130 भट्ठों को ही एनओसी दी। प्रदूषण विभाग की टीम का कहना था कि प्रत्येक भट्ठे को विभाग की ओर से जारी एनओसी और जिगजैग व्यवस्था को पूरा करना होगा।