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32 घंटे बरसे बादल, पांच साल का रिकॉर्ड टूटा

Sun, 24 Sep 2017 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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निवाड़ा मोड़ पर कीचड़ में फंसी बाइक को निकालकर ले जाते युवक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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क्षेत्र में रूक-रूककर करीब 32 घंटे तक हुई बरसात के कारण जन जीवन अस्त हो गया। अब तक करीब 106.5 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई है। बरसात ने सितंबर माह में पिछले पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।  वर्ष 2013 में 85.5 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई थी। देहात में गलियां तालाब बन गई। बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रंछाड़ में मकान गिरने से दंपति घायल हो गए। रटौल में पुराने मकान की दीवार गिर गई। 
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शुक्रवार की रात और शनिवार को दोपहर तीन बजे तक रुक-रुककर बरसात होती रही। पिछले करीब 32 घंटे से हो रही बरसात से जन जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। शनिवार को अधिकतर स्कूलों में बच्चों की संख्या बेहद कम रही।

लगातार बारिश होने के कारण स्कूल की सुबह 11 बजे ही छुट्टी कर देनी पड़ी। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार वर्ष 2013 के सितंबर माह में  85.5 मिमी बरसात हुई थी, इसके बाद पिछले दो दिन से अब तक करीब 106.5 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई है। लूंब, रटौल, नौरोजपुर, मलकपुर समेत देहात क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण गलियां तालाब बन गई। इस कारण ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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छपरौली क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो दोपहर बाद ही सुचारु हो सकी। चांदीनगर, खेकड़ा और अमीनगर सराय में भी बिजली सप्लाई बाधित रही। रटौल में एक पुराने मकान की दीवार गिर गई, हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।  

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि जो खाली खेत  हैं, इनमें किसान सरसों की बुआई कर सकते हैं, लेकिन यदि लगातार बारिश होती रही तो आलू की बुआई पिछड़ सकती है। बारिश से ईख की फसल को लाभ होगा। किसानों को सलाह दी वे बेवजह अब फसलों की सिंचाई न करें। 

दोघट / दाहा। दोघट, टीकरी, निरपुड़ा, भड़ल, दाहा, धनौरा, पुसार, कान्हड़, पलड़ी, पलड़ा, मुलसम, शाहजहांपुर, नंगला कनवाड़ा, फौलादनगर, मिलाना, खपराना, नंगला भगवानपुर, आदमपुर, इदरीशपुर, बामनौली सहित क्षेत्र के तमाम गांवों में बारिश का पानी जमा हो गया है। 

सभी रास्तों पर घुटने तक पानी भरा हुआ है। लोगों के घरों में पानी घुसने से अंदर रखा सामान खराब हो गया है। बस स्टैंडों पर पानी भरने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बारिश ने किसानों को भी परेशानी में डाल दिया है। पककर तैयार खड़ी धान की फसल लोटपोट हो गई है। 

बड़ौत।  पिछले दो दिन से हो रही बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिल गई है। बारिश से फसलों के साथ किसानों के भी चेहरे खिल गए।  पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूर्वांचल के अधिकांश हिस्सों में  पिछले कुछ दिनों पहले से बरसात शुरू हो गई थी।

जिले में शुक्रवार की सुबह बारिश शुरू हुई। आगे कुछ दिनों तक यह सिलसिला रूक-रूक कर जारी रहने की संभावना है। बारिश से मौसम भी नरम हो गया। मौसम में ठंडक होने से लोगों ने एसी कूलर बंद कर दिए।

मौसम के  बदलाव के साथ लिहाजा बारिश से प्राप्त नमी अपेक्षाकृत अधिक समय तक टिकी रहेगी। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार पर तैनात एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान ने बताया  धान की फसल  के लिए यह बारिश वरदान लेकर आई है। अक्तूबर माह में दलहन और तिलहन की बोआई के लिए किसान अपने खेत भी तैयार कर सकता है। 

 गौरीपुर मोड़ पर वाहन फंसे, झेली मुसीबत 
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित गौरीपुर मोड़ पर जलभराव के कारण वाहन फंस गए। यहां चल रहा पैच वर्क रोक देना पड़ा। दुपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। दुपहिया वाहनों को यहां से बामुश्किल निकाया गया।

उधर, दिल्ली-मेरठ हाईवे स्थित नया गांव हमीदाबाद में जलभराव से जाम की स्थिति बन गई। चांदीनगर के बंथला मार्ग पर जलभराव हो गया। मार्गों पर जलभराव से वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ।
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सितंबर माह में ऐसे बरसे बदरा 
वर्ष            बारिश 
2009            13 मिमी 
2010            22.3 मिमी 
2011            35 मिमी 
2012            शून्य मिमी 
2013            85.5 मिमी 
2014            37.4 मिमी 
2015            51.8 मिमी 
2016            22.8 मिमी 
2017            106.5 मिमी 
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