अमीनगर सराय (बागपत)। श्वेतांबर स्थानकवासी जैन संत आचार्य सुभद्र मुनि ने कहा कि प्रेमभाव बिना जगत में सब कुछ निरर्थक है। परमात्मा अनंत है वे किसी से नफरत नहीं करते। समाजोत्थान नफरतों से ऊपर उठकर ही संभव है।
जैनाचार्य बृहस्पतिवार को श्वेतांबर जैन स्थानक के योगीराज सभागार में श्रद्धालुओं को धर्मोंपदेश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिसके ह्दय में प्रेम का वास नहीं, वह श्मशान के समान है। परमात्मा दुश्मन से भी नफरत छोड़ प्रेमभाव रखने की सीख देते हैं। कबीर दास एवं गुरू गोविंद सिंह, श्रीराम, भगवान महावीर के उपदेश की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि राग, द्वेष के बंधन से मुक्त हुए बिना मोक्ष प्राप्त असंभव है। अमित मुनि ने भी धर्म उपदेश किया। शुक्रवार को योगीराज की समाधि पर होने वाले महामंत्र ण्मोकार के सामूहिक पाठ में पहुंचने को कहा। संचालन वीरेंद्र कुमार जैन ने किया। इसमें अनिल जैन, मूलचंद जैन, सुशील जैन, सत्येंद्र जैन, इंद्रपाल वर्मा, ईश्वर अग्रवाल, राजकुमार मित्तल, दया चंद गुप्ता, वीरेंद्र जैन, रमेश गर्ग मौजूद रहे।