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हाइवे पर कांवड़ियों की जान जोखिम में

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बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर कांवड़ियों की जान खतरे में हैं। जिले में पुलिस का ट्रैफिक प्लान फेल हो गया। हाइवे पर दिन भर भारी वाहन दौड़ते रहे और कांवड़ियां कच्ची पटरी पर चलने को मजबूर हैं। इससे कारण दो जगह कांवड़ देखने आए बच्चे व महिलाएं सड़क हादसे की शिकार हो गई। कांवड़ियों के साथ भी हादसा हो सकता है। पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
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जिले में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने पांच अगस्त से कांवड़ मार्गों पर रूट डायवर्ट करने का प्लान बनाया । शनिवार की शाम से ट्रैफिक प्लान भी जिले में लागू किया। सीमा की चौकियों को एसपी ने निर्देश दिए कि जिले में भारी वाहनों को आने से रोका जाए, लेकिन रविवार को पुलिस का ट्रैफिक प्लान फेल हो गया। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर ट्रक, बस समेत सभी वाहन दौड़ते नजर आए। इससे हाईवे पर कांवड़ियों का जान को खतरा बना रहा। दुर्घटना से बचने के लिए कांवड़ियां सड़क किनारे कच्ची पटरी पर चलने को मजबूर हो गए। कच्ची पटरी पर कंकरीट ने कांवड़ियों को परेशानी रही। पैरा में चुभने के कारण कई कांवड़ियां जख्मी भी हुए। हाइवे पर दो जगह कांवड़ियों को देखने के आए बच्चे और महिलाएं हादसों का शिकार हो गए।
बागपत सोनीपत मार्ग पर स्कूटी से कांवड़ देखने आई मोनू देवी और उसके बेटे लोकेश को ट्रक ने टक्कर मार दी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके अलावा शनिवार की रात में ट्यौढ़ी के पास कक्षा तीन के छात्र को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। यदि पुलिस सख्ती से ट्रैफिक प्लान लागू करती तो हादसों को रोका जा सकता था। पुलिस मूक दर्शक बनी हाइवे पर वाहनों को दौड़ते देखती रही। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर भारी वाहनों को बंद कराया गया है। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर बड़ौत से गौरीपुर मोड़ तक ही कांवड़ियों की संख्या ज्यादा है। इसलिए रविवार की शाम हाइवे पर भी वाहनों को बंद करा दिया जाएगा। कांवड़ियों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
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कांवड़ मार्ग पर दिन में नहीं मिलेगी पुलिस
बागपत। कांवड़ियों की सुरक्षा के पुलिस तमाम दावे कर रही है, लेकिन दिन के समय में दिल्ली-सहारपुर हाइवे पर बड़ौत से लेकर गौरीपुर मोड़ तक पुलिस कहीं भी नहीं दिखी। शिविर संचालक स्वयं ही कांवड़ियों को वाहनों से बचाते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्ट का कोई इंतजाम नहीं किया।

पुलिस ने शिविर संचालकों से अभद्रता की
बागपत। गुफा बाबा वाले मंदिर के पास दिल्ली के नरेला निवासी प्रधान सिराल सिंह राणा ने कांवड़ शिविर लगा रखा है। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात में बागपत पुलिस ने शिविर में पहुंचकर डीजे बंद करवा दिया। जबकि उनके पास डीजे बजाने की परमिशन है। आरोप है कि आरती तक नहीं होने दी। शिविर संचालकों के साथ अभद्र व्यवहार किया। विगत 14 साल से शिविर लगा रहे हैं। शिविर में कांवड़ियों की सेवा की जाती है, लेकिन पुलिस फिर भी बेवजह परेशान कर रही है। उन्होंने एसपी से पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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