बड़ौत (बागपत)।
नहरों और रजबाहों में सफाई कार्य में बरती जा रही अनियमितता के विरोध में मंगलवार को छह गांव के किसानों का गुस्सा फूटा पड़ा। उन्होंने तहसील पहुंचकर सिंचाई विभाग के ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी पुलिस और तहसील कर्मियों से भी नोकझोंक हुई। सूचना के बाद अधिकारियों के न पहुंचने किसानों ने सांकेतिक धरना दिया और बाद चेतावनी देकर लौट गए।
मंगलवार को हिलवाड़ी, बड़का, गुराना, औसिक्का आदि छह गांवों के किसान तहसील पहुंचे और प्रदर्शन कर सांकेतिक धरने पर बैठ गए। किसानों ने कहा इस समय मीरापुर रजबाहे, बड़ौली, खेकड़ा आदि सहित बड़ौत ड्रोन में करीबन 40 लाख रुपये की धनराशि की स्वीकृत होने के बाद सफाई कार्य चल रहा है। इसमें भारी अनियमितता बरती जा रही है। सफाई कार्य में भारी अनियमितता कर हर साल विभागीय अधिकारी और ठेकेदार लाखों रुपये डकार जाते हैं। सही ढंग से सफाई न होने के कारण अभी भी मीरापुर रजबाहे सहित अन्य रजबाहें गंदगी से अटे हैं और जेई और ठेकेदारों ने कागजों में पूरी सफाई की। सही सफाई न होने पर रजबाहे में आने वाला पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पाता। इससे किसान परेशान हैं। किसानों ने कहा कि पिछले कई दिनों से नहरों और रजबाहों में चल रहे सफाई कार्य का निरीक्षण कर अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहे है, लेकिन अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे है। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इसमें बिजेंद्र, महक सिंह, उदयवीर, रणधीर, प्रेमपाल, महक सिंह, सोमपाल, राजेंद्र, नीरज आदि रहे। इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा सफाई कार्य में अनियमितता की शिकायत मिली रही है। नामांकन प्रक्रिया के चलते थोड़ा व्यस्त है। जल्द ही निरीक्षण कर उक्त ठेकेदार व जेई के खिलाफ कार्रवाई होगी।