बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की गैर मौजूदगी में पुष्टाहार उतारा । इसमें खेल होने की आशंका बनी है, क्योंकि पिछले 14 से आंगनबाड़ियों के धरने के चलते पुष्टाहार वितरित भी नहीं हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन कर एसडीएम से शिकायत कर लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्रवासियों के अनुसार बड़ौत तहसील क्षेत्र में 384 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। प्रति आंगनबाड़ी केंद्र में 40 से 50 बच्चे पंजीकृत हैं। योजना के तहत हर महीने बच्चों को पुष्टाहार वितरित करने के लिए बाल विकास परियोजना कार्यालय में लाखों रुपये का पुष्टाहार भेजा जाता है। आरोप है कि हर महीने पुष्टाहार मेें भारी गबन किया जाता है, क्योंकि हर महीने बिना किसी अधिकारी व कर्मचारी की देखरेख के चलते पुष्टाहार उतारा जाता है।
सोमवार को अधिकारियों की गैर मौजूदगी में भी पुष्टाहार उतरा गया। पुष्टाहार उतारने के दौरान वहां पर न तो कोई सुपरवाइजर थी और न ही सीडीपीओ सारधा। कितना स्टॉक आया है और कितना स्टॉक गोदाम में उतरा है, इसकी किसी भी अधिकारी को जानकारी नहीं है। उधर पिछले 14 दिन से आंगनबाड़ियों के चल रहे धरने के कारण केंद्रों में पुष्टाहार वितरण नहीं हो रहा है। इस कारण पुष्टाहार में खेल होने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी सहित अन्य प्रशासनिक अफसरों से शिकायत कर पुष्टाहार वितरण मामले में जांच कर लापरवाही करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में सीडीपीओ सारधा ने कहा वे विभागीय मीटिंग में बागपत थी। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया।