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सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन में एडीओ पंचायत पर दोष सिद्ध

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बागपत। महावतपुर गांव में बड़ौत के एडीओ पंचायत ने फर्जी तरीके से सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन कराया। स्पष्टीकरण भी नहीं दे रहे है। खुद को सेक्टर प्रभारी बताया। जांच की तो छह प्रकरणों में दोषी पाए गए हैं। बड़ौत बीडीओ ने कार्रवाई के लिए सीडीओ को मांग की है।
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बड़ौत ब्लॉक के महावतपुर गांव में राशन की दुकान आवंटन को लेकर जदोजहद चल रही थी। एडीओ रणधोल सिंह सस्ते गल्ले की दुकान का चयन करने के लिए सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी भूपेंद्र सिंह के साथ गए थे। जहां पर चयन करने में काफी धांधली बरती गई। बड़ौत बीडीओ प्रेमचंद से गांव के लोगों ने शिकायत की । तीन शिकायत मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा । सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, और वीडीओ लिखित में अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध करा दिया। एडीओ पंचायत रणधोल सिंह ने कुछ भी लिखित में नहीं दिया। बीडीओ ने बताया जो सेक्टर उसके पास नहीं था, उसके बाद भी वहां गए। विभागीय कार्य में राजनीति करते हैं। जिससे ब्लॉक की छवि खराब हो रही है। लोग धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। वह किसी भी तरह से कार्य कराने में सक्षम नहीं है। अपने पटल की जानकारी नहीं है। अभिलेख तक उनके पास उपलब्ध नहीं है। बीडीओ ने स्थानांतरण करने के लिए सीडीओ को पत्र लिखा है। रिपोर्ट के बाद सीडीओ चांदनी सिंह ने डीपीआरओ संजय कुमार यादव को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

एडीओ पर ये सिद्ध हुए दोष
बीडीओ प्रेमचंद ने बताया पत्रों का जवाब न देने के दोषी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी पर्यवेक्षक को ग्राम महावतपुर को स्वयं को सेक्टर प्रभारी बताने का दोषी, ग्राम विकास अधिकारी को अपने हस्ताक्षर से पत्र जारी कर ग्राम सभा की बैठक में साथ ले जाने के लिए अधिकृत नहीं है, जिसके दोषी है, एडीओ रणधोल सिंह का सेक्टर लुहारी था, जिसमें सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता का चयन किया जाना था पर वहां नहीं गए और महावतपुर में सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता का चयन करने के लिए गए जिसके दोषी है।
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