बागपत के किसानों के लगभग 300 करोड़ रुपये दबाकर मलकपुर शुगर मिल बंद होने जा रही है। मिल में नो केन की स्थिति हो चुकी है। अभी तक किसानों को पिछले पेराई सत्र का बकाया नहीं चुकाया जा सका है। जबकि इस पेराई सत्र का एक रुपया भी भुगतान मिल ने किसानों को नहीं किया है। मिल बंद होने के बाद किसानों का भुगतान के लिए हंगामा शुरू हो जाएगा।
मलकपुर शुगर मिल रविवार को पेराई सत्र समाप्त करने जा रही है। मिल में लगभग नो केन की स्थिति हो चुकी है। किसानों के लगभग 300 करोड़ रुपये के बकाया के साथ मिल बंद हो रही है। इसमें लगभग 20 करोड़ रुपये अभी तक पिछले सत्र के ही बकाया हैं, जबकि इस पेराई सत्र में लगभग 280 करोड़ रुपये के किसानों के गन्ने की मिल द्वारा पेराई की जा चुकी है और भुगतान के नाम पर शून्य ही है।
लगभग 300 करोड़ रुपये दबाकर बंद होने जा रही मलकपुर मिल को लेकर किसान पहले ही परेशान है। मिल के बंद होने के बाद किसान मिल के अधिकारियों को तलाशते ही रह जाएंगे। किसानों के पास अधिकारियों के कार्यालयों पर हंगामा करने के सिवा कोई रास्ता नहीं है। जबकि बागपत शुगर मिल 20 अप्रैल को पेराई सत्र समाप्त करेगी और रमाला शुगर मिल 10 मई तक चलेगी।
जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया मलकपुर शुगर मिल में गन्ना समाप्त हो चुका है। शनिवार को भी नो-केन रही है। रविवार को मिल पेराई सत्र समाप्त कर देगी। उन्होंने बताया मिल द्वारा अगले सप्ताह से किसानों केा इस पेराई सत्र का भुगतान शुरू करने की उम्मीद है।