बागपत। संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले कर्मियों व अधिकारियों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी गई है। जिले में ऐसे 294 अधिकारियों व कर्मियों का जनवरी का वेतन रोक दिया गया है। इनमें शिक्षक व चिकित्सक सबसे ज्यादा हैं। इनको अब संपत्ति का ब्योरा देने के बाद ही वेतन मिलेगा।
राज्यकर्मियों के लिए 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर देना अनिवार्य किया गया था। यह भी निर्देश दिए गए थे कि जनवरी माह का वेतन फरवरी में उन्हीं कर्मचारियों को दिया जाएगा, जिन्होंने संपत्ति का ब्योरा दे दिया है। इसके बाद भी जिले के 294 अधिकारियों व कर्मियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया।
इनमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा 248 शिक्षक हैं, जो संपत्ति का ब्योरा नहीं दे रहे हैं। इनके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन 25 चिकित्सक व कर्मी और लोक निर्माण विभाग के छह, समाज कल्याण विभाग के दो, जिला विकास अधिकारी कार्यालय से एक, जिला सहकारिता विभाग से दो कर्मी हैं, जो ब्योरा नहीं दे रहे हैं।
इन सभी का जनवरी महीने का वेतन रोक दिया गया है। इसके साथ ही आदेश दिए गए हैं कि संपत्ति का ब्योरा न देने वाले कर्मियों का जनवरी माह का वेतन मिला तो आहरण वितरण अधिकारी पर भी कार्रवाई होगी। इस आदेश से अधिकारियों व कर्मियों की परेशानी बढ़ गई है।
-जब देंगे ब्योरा, तभी मिलेगा वेतन
डीएम अस्मिता लाल के अनुसार शासन स्तर से यह आदेश दिए गए हैं कि जिन्होंने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है, उनका वेतना रोका जाए। यह जितनी जल्दी ब्योरा दे देंगे, उतनी जल्दी वेतन जारी कर दिया जाएगा। यह जब तक संपत्ति का ब्योरा नहीं देंगे, तब तक वेतन जारी नहीं होगा और वह एकत्र होता रहेगा।