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फर्जी कंपनी के शिकार 29 लोग सामने आए

Sat, 04 Mar 2017 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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नोएडा की फर्जी कंपनी के क्लिक के खेल में लाखों की चोट खाने वाले 29 लोगों के नाम सामने आए हैं। इस मामले की एसटीएफ से शिकायत की गई थी। डीआईजी ने ठगी का शिकार हुए इन लोगों की सूची एसपी बागपत को भेजी है। सूची मिलते ही बागपत में मुकदमेें दर्ज होने शुरू हो गए हैं। इन लोगों  ने ई-मेल के माध्यम से शिकायत  की थी। 
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पिछले माह नोएडा में सोशल साइट पर क्लिक के नाम पर ठगी करने वाली कंपनी सामने आई थी। बागपत के भी बड़ी संख्या में लोग इसमें फंसे हैं। एक-एक परिवार के कई-कई लोग शामिल हैं। कई ऐसे हैं जिन्होंने अपने रिश्तेदारों को भी क्लिक से कमाई के धंधे में शामिल किया हुआ है। ठगी खुलने लगी तो शिकायतों की संख्या भी बढ़ी। एसटीएफ ने शिकायतों की सूची डीआईजी मेरठ को भेजी। 

डीआईजी ने एसपी बागपत अजय शंकर राय को फिलहाल 29 ऐसे लोगों की सूची प्रेषित की है, जिन्होंने ठगी की शिकायत की है। इनमें कई ऐसे हैं जिनके साथ उनके परिवार के सदस्य भी जुड़े हुए थे। माना जा रहा है कि पीड़ितों की संख्या सैकड़ों से ऊपर है, इसके लिए जांच शुरू कर दी गई  है। अकेले बागपत से ही करोड़ों रुपये की ठगी का अनुमान लगाया जा रहा है। 
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ये हैं शिकायतकर्ता
शिकायत करने वालों में बावली के अंकित तोमर, महावपुर का सुमित तोमर, आकाश तोमर, बड़ौत का राजकुमार, देवेंद्र, अंकित राणा दाहा, योगेंद्र राणा, रमाला से सतेंद्र, किरठल का उपेंद्र कुमार, कंडेरा का राजेंद्र तोमर, असारा का तस्लीम खान, कुरडी का राहुल कुमार, हलालपुर का अंकित कुमार, शुभम कुमार, शुभम, अनुज पंवार, बलवीर सिंह, खेकड़ा का देवेंद्र, शुभम जैन, मुकारी का ज्ञानेंद्र, गौणा का मनोज, बलराज, लहचौड़ा रविंद्र, खट्टा प्रहलादपुर का राहुल, कुलदीप कुमार, बागपत शहर का नितिन चौधरी, सरूरपुर का प्रमोद, बागपत का विनीत कुमार, जगबीर सिंह, गढ़ी बेगमाबाद का बृजराज एवं उनकी पत्नी पूनम समेत फिलहाल 29 लोगों के नाम सामने आए हैं। जिनकी शिकायतों पर संबंधित थानों में मुकदमें दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

पहले क्लिक घटाए, फिर रुपये 
एक शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि पहले उसकी क्लिक की संख्या 250 से घटाकर 200 की दी गई, इसके बाद एक क्लिक पर मिलने वाले रुपयों की संख्या 5 से घटाकर चार कर दी गई। इसके बाद एकाएक कंपनी ने नाम बदल लिया। उसकी ओर से जमा किए गए रुपये भी वापस नहीं किए गए। 

किसने कितने रुपये किए जमा 
क्राइम ब्रांच और एसटीएफ ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि बागपत के किस व्यक्ति ने कंपनी के खातें में कितने रुपये जमा किए। कंपनी की ओर से उसे कितने रुपये वापस भेजे गए। आरोपी अनुभव मित्तल के जेल जाने के बाद कुछ दिन तक लोगों को यह झांसा दिया गया था कि कंपनी चलेगा, लेकिन पिछले करीब एक माह से किसी को काम नहीं मिला है। 
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