बड़ौत के खेड़ी प्रधान गांव के यमुना खादर का निरीक्षण करतीं एसडीएम।
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यमुना किनारे बसे खेड़ी प्रधान गांव के खादर में माफियाओं ने रेत खनन किया। प्रशासन तक शिकायत पहुंची। एसडीएम दीपाली कौशिक ने शुक्रवार को छापेमारी की। मौके पर जेसीबी और वाहन नहीं मिले, लेकिन प्रशासन ने माना कि यहां खनन हुआ है। जिस जगह खनन हुआ, उसकी पैमाइश कराकर रॉयल्टी तय कराई जाएगी।
टांडा और खेड़ी प्रधान में रेत खनन की सूचना पर प्रशासन की टीम हरकत में आ गई। एसडीएम दीपाली कौशिक ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि दोनों जगह अवैध तरीके से खनन चल रहा है। जानकारी मिलते ही खेड़ी प्रधान गांव के खादर में छापेमारी की गई। यहां कोई वाहन या जेसीबी तो नहीं मिली, लेकिन खनन की पुष्टि हुई है।
एसडीएम ने बताया कि जिस जगह खनन किया गया, वहां की पैमाइश कराई जा रही है। इसकी रॉयल्टी तय की जाएगी। खनन करने के आरोपियों को चिह्नित कर प्रशासन अपनी कार्रवाई करेगा। खेड़ी प्रधान के बाद प्रशासन की टीम ने टांडा गांव में छापेमारी की। यहां खनन की पुष्टि नहीं हो सकी।
एसडीएम बड़ौत ने कहा कि मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
एसडीएम ने खेड़ी प्रधान के खादर में छापेमारी की। प्रशासन की टीम ने यह माना है कि यहां करीब दो दिन पहले खनन किया गया था। सवाल है कि खनन के बाद वाहन मुख्य मार्गों से गुजरे होंगे, तब पुलिस ने इन पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
तहसील स्तर पर गठित की हैं टीमें ः डीएम हृदय शंकर तिवारी ने खनन रोकने के लिए तहसील स्तर पर टीमों का गठन किया है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को खनन रोकने की जिम्मेदारी दी गई है, साथ ही यह भी चेतावनी दे रखी है कि जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।