बागपत। जिले में कुछ परिवार ऐसे हैं जो टीकाकरण का विरोध कर रहे हैं और अपने बच्चों को टीका नहीं लगवा रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे परिवारों के घर पहुंचकर उनको मनाएगा और टीकाकरण करने का कार्य किया जाएगा, ताकि बच्चों को बीमारी से बचाया जा सके।
जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों को टीकाकरण लगाने के लिए अभियान चलाया गया था। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 2729 बच्चाें को टीके लगवाने के लिए परिवारों ने मना कर दिया था और उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया गया था। उस समय परिवार ने टीका लगने से बुखार व कमजोरी आने की बात कहकर टीम को वापस भेज दिया था। इसमें बागपत की माता काॅलोनी, मुगलपुरा मोहल्ला, बड़ौत में पट्टी चौधरान, पठानकोठ, असारा, बरनावा, बिनौली, रटौल, बसौद, बिलौचपुरा आदि गांव व शहरी क्षेत्र शामिल थे।
स्वास्थ्य विभाग ने गांवों व शहरों के मोहल्लों को चिह्नित करने के बाद एक हजार आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी और उन्हें परिवार को समझाकर बच्चों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने की सलाह दी। कहा कि टीकाकरण से बच्चों में किसी भी तरह का बुखार नहीं आता है और न ही कमजोरी होती है। इससे बच्चों की बीमारी को दूर किया जा सकता है। बच्चों के स्वास्थ्य के लिए टीकाकरण जरूरी है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को टीकाकरण लक्ष्य को पूरा करेगी।
वर्जन
- कुछ स्थानों पर परिवारों के विरोध के कारण टीकाकरण नहीं हो पाया था। अब ऐसे परिवार को समझाकर बच्चों को टीकाकरण किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह सकें। - डॉ. सुरूचि, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी