बागपत। बालू खनन माफिया को रास्ते के लिए खेत देकर फैजपुर-निनाना और फैजुल्लापुर के 24 किसान बुरी तरह से फंस गए हैं। एसडीएम कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ वाद दायर हो गया है। साथ ही उनको नोटिस भेजे हैं। संतुष्ट जवाब न मिलने पर उनकी जमीन भी कुर्क हो सकती है।
यमुना खादर में पिछले कुछ दिनों से बालू का अवैध खनन चल रहा है। खनन माफिया ने फैजपुर निनाना और फैजुल्लापुर के किसानों के खेत पट्टे पर लेकर वाहनों के परिवहन के लिए रास्ता बनाया था। वहां से रेत के भरे ट्रक, डंफर और ट्रैक्टर-ट्राली से दिन-रात आवागमन शुरू हो गया था। शिकायत मिलने पर एसडीएम मनोज कुमार सिंह और सीओ श्वेताभ पांडेय ने 13 फरवरी को छापामारी कर रास्ते में गहरे-गहरे गड्ढे करा दिए थे। इसके बाद भी खनन माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। उन्होंने अफसरों के कराए गए गड्ढों को ही बंद कराकर वहां से दोबारा परिवहन शुरू कर दिया था। एसडीएम अपनी टीम के साथ 15 फरवरी को दोबारा वहां पर पहुंचे तो इसका पता चला।
इस पूरे मामले को डीएम ह्दय शंकर तिवारी को अवगत कराया। डीएम ने खनन माफिया और किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। राजस्व संहिता 2006 संशोधन 2015 का उल्लंघन मानकर धारा 105 के तहत 24 किसानों के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में वाद दायर हुआ। एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने कहा किसानों पर वाद दायर कर दिया। उनको नोटिस भेजे जा रहे हैं। उनका संतुष्ट जवाब न मिलने पर नियामानुसार उस जमीन को कुर्क किया जा सकता है।
निम्न किसानों पर हुई कार्रवाई
बागपत। एसडीएम के मुताबिक फैजपुर निनाना निवासी रामपाल पुत्र राजवीर सिंह, कालूराम पुत्र भूल्लन, बाबूराम पुत्र मनफूल, फैजुल्लापुर निवासी जसवंत सिंह पुत्र लालू, ब्रहम सिंह,रामकरण, अशोक, धर्मेंद्र कुमार, रामकिशन और राकेश पुत्र नत्थू, राकेश और मुकेश पुत्र नत्थू, राकेश कुमार पुत्र दिन्ना और सूरजी पुत्र रामस्वरूप, चरण सिंह पुत्र रामदास, राजेंद्र पुत्र हरवंश, भूषण पुत्र खजान, ओमवीर उदयवीर, महक सिंह, राजेंद्र और मैनपाल पुत्र हरवंश और मंगलो देवी पत्नी हरवंश के खिलाफ कार्रवाई की है।