बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के गड्ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गए हैं। इन गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ गई है। दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। गौरीपुर से सरूरपुर और ट्यौढ़ी से बड़ौत के बीच सड़क में गहरे-गहरे गड्ढे हैं। हाईवे का निर्माण चलने के कारण वाहनों को सड़क से नीचे भी नहीं उतार सकते हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से सड़क के गड्ढे भरवाने की मांग की।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन सड़क के गड्ढे लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। गौरीपुर से सरूरपुर गांव तक और ट्यौढ़ी से बड़ौत तक गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। सरूरपुर में तो इतना बुरा हाल है कि वहां से दुपहिया वाहन निकलना तो मानों मुसीबत को दावत देना है। यहां पर मार्ग पर एक से दो फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ गई है। दुपहिया वाहन चालक गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इस कारण चालक वाहनों को सड़क से नीचे भी नहीं उतार सकते हैं। उन्हें गड्ढों से होकर ही निकलना पड़ता है। वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। सरूरपुर गांव निवासी सुभाष नैन का कहना है कि उनके गांव में हाईवे किनारे रहने वाले लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। हाईवे के गड्ढे भरवाए जाए।
गौरीपुर गांव निवासी मोनू का कहना है कि हाईवे पर निर्माण कार्य बहुत धीमा चल रहा है। ऐसे तो सड़क बनाने में कई साल लग जाएंगे। सड़क के गड्ढे भरवाए जाए। बड़ौत गांव निवासी अंकित ने कहा गांव से बड़ौत की दूरी दो किलोमीटर है। गड्ढों के कारण बड़ौत तक पहुंचने में 10 मिनट का समय लग जाता है। गहरे गड्ढों में गिरकर वाहन भी क्षतिग्रस्त होते है। हाईवे का निर्माण होता रहेगा। इससे पहले गड्ढों को भरवाया जाए।
हाईवे पर धीमी गति से चल रहा कार्य
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। हाईवे के दोनों तरफ गहरी खाई को मिट्टी डालकर भरा जा रहा है। निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है।
ेे