स्वच्छ होंगे गांव के तालाब
बागपत। गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए तालाबों का निर्माण होगा, जिसमें मनरेगा से बजट खर्च किया जाएगा। इससे गांव के अंदर तालाबों में नाले-नालियों का गंदा पानी को रोका जाएगा।
अवैध कब्जों के कारण तालाब गंदगी से अटे पड़े हैं। ओवरफ्लो तक की नौबत है। दर्जनों गांव जल निकासी न होने की समस्या झेल रहे हैं। तालाब की गंदगी से गलियों में जलभराव की समस्या है। इस कारण स्वच्छ भारत मिशन गांवों में दम तोड़ रहा है।
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग अनुराग श्रीवास्तव ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए आदेश जारी किए है। गांवों को स्वच्छ और सुंदर बनाया जाएगा। जल भराव की समस्या को दूर कराई जाएगी। गांव के अंदर मौजूद तालाबों में नालियों के गंदी पानी को जाने से रोका जाएगा। इसके लिए नई व्यवस्था की जाएगी। गांव के बाहर ऐसा तालाब या शॉकपिट बनाया जाएगा जिससे गंदा पानी एकत्र हो गए। इसके लिए मनरेगा या अन्य योजना से निर्माण कराया जाएगा। जिसमें सॉलिड, और सीवर का जल पहुंचाने की व्यवस्था होगी। गांव को सुंदर बनाने के लिए सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, नालियां और ग्राम की सफाई पूर्ण रूप से कराई जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप के पास गंदगी का अंबार रहता है। इस कारण लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। लोगों को स्वास्थ्य और गांव की स्वच्छता को देखते हुए प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने हैंडपंप के आस-पास गंदगी न होने देने के लिए निर्देशित किया है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव न पड़े।