बागपत। घिटौरा गांव में शौचालय बने है या नहीं और जो बने हैं, उसके मानकों की हकीकत जानने के लिए अफसर जांच करेंगे। जांच के लिए जनपद को छह सेक्टर में गांवों को बांटा है। इसमें छह बीडीओ को इसकी जिम्मेदारी दी है। इनके अधीनस्थ पांच-पांच शौचालयों की जांच करेंगे।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र गुर्जर का दावा है कि घिटौरा गांव शौचालय नहीं बने हैं और जो शौचालय बने हैं, वह मानक के अनुसार नहीं है। उन्होंने प्रभारी सीडीओ हुब लाल से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। पूर्व ब्लॉक प्रमुख की शिकायत को गंभीरता से लेकर जांच के आदेश जारी किया। जिले के छह बीडीओ को शौचालय की जिम्मेदारी दी। उनके साथ पांच अन्य कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। इनकी देखरेख में जांच करेंगे। गांव में लक्ष्य के अनुसार जो शौचालय बने हैं उसके मानकों की भी स्थिति को जानेंगे। पुराने को नया दर्शाकर धनराशि हड़पी गई है यह भी जांच के दायरे में रहेगा। जो लोग पात्र थे, उन्हें योजना से वंचित रखा है, इसकी अलग से रिपोर्ट तैयार कर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। जो भी आरोपी होगा, उस पर कार्रवाई होगी और धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी। प्रभारी सीडीओ हुब लाल ने बताया कि घिटौरा गांव में बने शौचालयों की जांच बैठा दी है। छह बीडीओ और पांच-पांच अन्य कर्मचारियों को उनके साथ लगाया, जो भी रिपोर्ट मिलेगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
एक बीडीओ की टीम जांचेंगी 25-25 शौचालय
बागपत। गांव में शौचालय की जांच के लिए एक बीडीओ और उनके पांच कर्मचारी 25 शौचालय की जांच करेंगे। एक ही दिन में 36 कर्मचारी 150 की जांच को पूरा कर लेंगे। 25-25 शौचालयों की जिम्मेदारी रहेगी।
325 शौचालय हुए थे स्वीकृत
बागपत। घिटौरा गांव में 325 शौचालयों का लक्ष्य दिया । इसके अनुरूप 150 घरों में ही शौचालय बने हैं। 175 शौचालय वापस हो गए। इनका घरों में निर्माण हुआ है या नहीं इसकी हकीकत जानने के लिए टीम को लगाया है।
175 शौचालयों के 21 लाख रुपये हुए थे वापस
बागपत। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक नरेंद्र उज्जवल ने बताया कि घिटौरा गांव में ग्राम प्रधान ने 175 शौचालयों के 21 लाख रुपये वापस किए । बताया था कि लोगों ने खुद के संसाधनों से घरों में शौचालय बना लिए हैं, जो 150 शौचालय बने हैं, इसकी जांच के लिए प्रभारी सीडीओ हुब लाल ने बैठाई है।