बड़ौत (बागपत)। छछरपुर गांव में पिछले 60 साल से जल भराव की समस्या से नरकीय जीवन जी रहे ग्रामीणों को आखिरकार ग्राम प्रधान के प्रयास और ब्लाक अफसरों की मदद से बुधवार को मुक्ति मिल गई। ब्लाक अफसरों की टीम ने गांव मेें पहुंचकर पानी निकासी के लिए जमीन के नीचे हयूम पाइप दबाकर गांव के गंदे पानी को गांव के बाहर से गुजर रहे गंदे पानी की खास में डलवा दिया। इसको लेकर ग्रामीणों में हर्ष की लहर दौड़ गई।
छछरपुर गांव में पिछले 60 साल से ग्रामीण तालाब पर हुए अतिक्रमण और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जल भराव की समस्या से जूझ रहे थे। बिना बरसात भी लोगों के घरों मेें एक से दो फुट तक तालाब और नालियों का गंदा पानी भरा रहता था। इस कारण ग्रामीण नरकीय जीवन जी रहे थे। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट से शिकायत की तो उन्होंने भागदौड़ शुरू की और बीडीओ प्रेम चंद सहित जनपद के शीर्ष अधिकारियों से वार्ता कर आखिरकार बुधवार को समस्या का समाधान करा दिया।
बुधवार को ब्लाक अफसरों की टीम और ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने पूरे गांव के गंदे पानी व तालाब के गंदे पानी की निकासी के लिए जमीन के नीचे हयूम पाइप दबवाकर गांव के बाहर से गुजरने वाले गूंगा खेड़ी के गंदे पानी की खास तक गंदे पानी का रास्ता बनाया। इससे ग्रामीणों मेें हर्ष की लहर दौड़ गई। ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा उनका मकसद गांव का चहुंमुखी विकास करना है। वहीं बीडीओ प्रेमचंद ने कहा ग्राम प्रधान की शिकायत उठाई। वहीं तकनीकी सहायक सुनील सोलंकी ने कहा 60 साल से गांव में जल समस्या थी। ग्राम प्रधान की मदद से समस्या हल हो सकी।