शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट से सिसाना तक शांति मार्च निकाला। धरनास्थल पर पहुंचकर नारेबाजी की। सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। मार्च के दौरान दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर जाम लग गया। सीओ और एसडीएम से नोकझोंक हुई।
समायोजन बहाल कराने की मांग को लेकर शिक्षामित्रों का कलक्ट्रेट में धरना चल रहा है। सरकार की बुद्धि-शुद्धि यज्ञ से लेकर दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे को जाम किया गया। धरनास्थल पर पहुंचकर वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने आम जन के साथ-साथ शिक्षामित्रों को भी धोखा दिया है। उनकी पेट पर लात मारने का काम किया है। आर्थिक स्थिति पूरी तरह कमजोर हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने जो आदेश दिया, उसी का पालन सरकार ने किया। उनकी तरफ से कोई ठोस पैरवी नहीं की गई। बेरोजगारी कम करना तो दूर और बढ़ा दी है। चेतावनी दी जब तक समायोजन बहाल नहीं होगा तक आंदोलन जारी रहेगा। आज रविवार को लखनऊ शिक्षामित्र गरजेंगे, उसके बाद दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षक संघ दबथुआ गुट के जिलाध्यक्ष ओमबीर सिंह तोमर और कांग्रेस नेत्री लता चौधरी ने समर्थन दिया। सरकार की नीति को गलत साबित किया। बिजेंद्र भाटी, कुशलता चौहान, राजेश पंवार, भरत शर्मा, राहुल भारत, सचिन शर्मा, सुभाष चंद, मंजू राणा, गीता, राजेश, सुधीर खोखर मौजूद रहे।
आपस में उलझे शिक्षामित्र
हादसे को देखते हुए अफसरों द्वारा शिक्षामित्रों को हाईवे पर पैदल मार्च न निकालने के लिए समझा रहे थे। इसी दौरान माइक पर बोले रहे शिक्षामित्र ने यह कह दिया कि कोई हंगामा करेगा तो पुलिस उन पर लाठियां बरसा दें। इस पर शिक्षामित्रों के बीच में नोकझोंक शुरू हो गई। काफी प्रयास के बाद शांत हुए और पैदल मार्च निकालने के लिए राजी हुए।
पैदल मार्च से लगा जाम
शिक्षामित्रों के पैदल मार्च से दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर लंबा जाम लग गया। इस कारण वाहन चालकों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। पुलिस कर्मियों ने मशक्कतों के बाद जाम का खुलवाया।