बागपत। भड़ल गांव के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कुछ लोग चर्म शोधन के कार्य को बंद कराना चाहते हैं। यह बंद हो गया तो इस काम से जुड़े लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा।
बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे भड़ल के ग्रामीणों ने बताया गांव में 1944 से चर्म शोधन का कार्य होता है। वर्तमान में भी करीब 150 परिवार इससे जुड़े हैं। जिससे परिवार का पालन पोषण हो रहा है। कुछ लोग रंजिशन कार्य को बंद करवाना चाह रहे हैं, अनावश्यक रूप से शिकायत की जा रही है। डीएम भवानी सिंह को अवगत कराया कि कार्य बंद हो गया तो परिवार के सामने भूखों मारने की नौबत आ जाएगी। इस कार्य को बंद न कराया जाए। डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसमें नरेश कुमार, वेद पाल, नीरज, विनोद, निशांत, अंकित, राजेंद्र, ऋषिपाल सिंह, सुरेंद्र, प्रकाश, बिल्लू, शिव कुमार आदि रहे।
चर्मशोधन प्रकरण में पंचायत आज
दोघट। भड़ल गांव में चल रहे चर्म शोधन कार्य के मामले को लेकर गांव में बैठक हुई। निर्णय लिया बृहस्पतिवार को सभी वर्ग के लोगों की पंचायत होगी। बुधवार को कालू के आवास पर ग्रामीणों की बैठक हुई। लोगों ने कहा चर्मशोधन का कार्य गांव से बाहर होना चाहिए। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसकी अध्यक्षता हरबीर सिंह ने की। संचालन सतबीर सिंह ने किया। डॉ. ओमबीर, आनंद पाल, सोनू राणा, राजेंद्र, राजपाल, मास्टर सुखबीर, सुभाष, इस्लाम, सहेंद्र, धर्मबीर, नवाब, अजय पाल, मेघ पाल, कृष्ण मौजूद आदि रहे।