बागपत। विभिन्न मांगों को लेकर बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण जिले में करीब 30 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। हड़ताल में शामिल बैंकों पर ताले लटके रहे। कई बैंकों के एटीएम भी खाली हो गए, इससे खातेदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को भी बैंककर्मियों की हड़ताल रहेगी, इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
बैंक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर बैंक यूनियन ने दो दिन हड़ताल का एलान किया था। मंगलवार को पहले दिन यूनियन से जुड़े बैंकों में हड़ताल रही। सिंडीकेट बैंक, यूनियन बैंक समेत अन्य बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंकों पर ताले लटके देखकर उपभोक्ताओं को वापस लौटना पड़ा। सिंडीकेट बैंक की मुख्य शाखा पर ताला लटका रहा। जिले में करीब 152 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हुआ। कर्मचारी दिनभर हड़ताल पर रहे। अग्रणी बैंक प्रबंधक प्रदीप थरोट ने बताया कि करीब 30 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है। बैंकों को मर्ज करने, वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
आज भी हड़ताल, एटीएम खाली
बागपत। बुधवार को दूसरे दिन भी बैंकों की हड़ताल रहेगी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल के पहले दिन एटीएम पर ताले लटके नजर आए।
लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
बागपत। अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रिीयल एसोसिएशन बागपत के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में कर्मचारी एकत्र हुए। क्षेत्रीय महामंत्री निमेष गोयल ने बताया कि 21 फरवरी को जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पुरानी पेंशन बहाल करने, आउट सोर्सिंग प्रथा समाप्त करने और नियमित भर्ती की मांग रखी गई है। शैलेंद्र कुमार, राजपाल, राजवीर सिंह, सुहैल, राहुल, संदीप, प्रदीप कुमार, वेदपाल सिंह, रामपाल सिंह, मांगेराम, कपिल कुमार, सचिन कुमार, रितिश कुमार शामिल रहे।
शिक्षक स्नातक संघ ने कलक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन
बागपत। उत्तर प्रदेश शिक्षक-स्नातक संघ ने कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग रही परिषदीय, इंटर एवं डिग्री कॉलेज के शिक्षकों के मेडिकल केस लेस भत्ता दिया जाए, पुरानी पेंशन, शिक्षामित्र, अनुदेशकों को मानदेय तीस हजार, रसोइयों का मानदेय दस हजार, मिड-डे-मील एनजीओ को सौंपा जाए, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को दस साल तक सेवा देने पर उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी या इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य बनाया जाए। इसमें प्रदेशाध्यक्ष हारुन मनव्वर, जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, दिलबाग चौधरी, डॉ. अनिल आर्य, वीरेंद्र, मोहम्मद यामीन आदि रहे।