बागपत। कृष्णा और हिंडन के प्रदूषण से शासन और प्रशासन से लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) गंभीर है। जिला स्तर पर नदी क्षेत्र में फैल रही बीमारी का विवरण और दूषित हैंडपंपों की रिपोर्ट मांगी। डीडीओ हुब लाल ने स्वास्थ्य विभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंता को कार्रवाई करने और सभी आंकड़ों को कार्यालय कराने के लिए निर्देश दिए।
हिंडन और कृष्णा लोगों के जीवन को लील रही है। दोनों नदी के निकटवर्ती गांव गंभीर जानलेवा बीमारी का प्रकोप झेल रहे हैं। सैकड़ों लोग कैंसर से मौत के मुंह में समा चुके हैं और सैकड़ों चपेट में हैं। त्वचा रोग और अन्य बीमारी की कोई गणना नहीं। शासन, प्रशासन से लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) इसके लिए गंभीर है। निकटवर्ती गांव में दूषित हैंडपंप, गांवों की आबादी और किस रोग से लोग पीड़ित इसका वितरण मांगा है। डीडीओ हुब लाल ने बताया कि जल निगम के अधिशासी अभियंता ने अपनी आंकड़े दिए हैं। उनके अनुसार 58 गांव में 225259 लाख जनसंख्या है। 2575 हैंडपंप इन गांवों में लगे हैं। इनमें से हैंडपंपों की जांच के बाद रिपोर्ट के अनुसार 555 हैंडपंप दूषित है। इनका पानी पीने योग्य नहीं है। बीमारी किस स्तर की प्रकरण विभाग से संबंधित न होने की बात कहीं। डीडीओ ने इस संबंध में सीएमओ को भी पत्र लिखा है। हिंडन और कृष्ण नदी के किनारे के गांवों के नाम, प्रत्येक गांव प्रभावित क्षेत्र की जनसंख्या, प्रदूषित पानी पीने से हुई बीमारी का विवरण निर्धारित प्रारूप पर जल्द कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे।