बागपत। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग प्रमुख सचिव और नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला ने मवीकलां गांव स्थित किसान इंटर कॉलेज चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। अधिकारियों को मिलने वाली सभी शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि गांवों के लिए विकास के लिए समितियों को सक्रिय करें।
शनिवार को प्रमुख सचिव और नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला अमले के साथ मवीकलां गांव पहुंची और यहां जनता दरबार लगाकर ग्रामीणों की शिकायतों को सुना। ग्रामीणों ने विभिन्न शिकायतों से अवगत कराया। नोडल अधिकारी ने शिकायतों का निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी जवाब तलब किया कि शिकायतें क्यों मिल रही हैं। कहा कि अधिकारी कार्यशैली में बदलाव लाएं और शासन के क्रियान्वयन योजना जन-जन तक पहुंचाने में अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जो अधिकारी अपने कार्य के प्रति सतर्क नहीं हैं और कार्य की जिम्मेदारी के साथ नहीं कर रहे हैं, ऐसे अधिकारियों के प्रति कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गांव में किसी गरीब को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
नोडल अधिकारी ने कहा ग्राम पंचायत का संचालन करने के लिए छह समितियां होती हैं। सक्रियता के आधार पर इन समितियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों में कार्य होना चाहिए। जिला पंचायती राज अधिकारी समितियों का गठन का समय-समय पर अवलोकन करते रहे। समितियों को अधिक से अधिक सक्रिय किया जाए, जिससे कि कोई भी ग्रामीण संबंधित योजना से वंचित न रहे। पंचायत की छह समितियां नियोजन एवं विकास, शिक्षा, निर्माण कार्य, स्वास्थ्य एवं कल्याण, प्रशासनिक, जल प्रबंधन हैं। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार, एसपी शैलेष कुमार पांडेय, सीडीओ पीसी जायसवाल, पीडी एमएल पटेल, डीडीओ हुब लाल, एसई रामवीर सिंह, एआरटीओ सुभाष राजपूत, समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने नोडल अधिकारी को बताई समस्याएं
बागपत। गांव के लोगों ने ऊर्जा निगम के जेई विनय कुमार शर्मा की शिकायत की। कार्य गंभीरता के साथ कार्य न करने का आरोप लगाया। नोडल अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिसके बाद एसई ने नोटिस जारी कर दिया। ग्रामीण ब्रह्मपाल ने बिजली की समस्या बताई। नालियों में बहने वाले मल की शिकायत की। ग्राम प्रधान को कार्रवाई के निर्देश दिए। पेंशन, शौचालय में गड़बड़ी से अवगत कराया। समाज कल्याण अधिकारी और डीपीआरओ जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। खराब हैंडपंप को रिबोर के लिए कहा। शिवानी ने बताया कि पांच माह की गर्भवती है। एक बार ही अभी तक पोषाहार दिया गया। नोडल अधिकारी ने डीपीओ को कड़े निर्देश देते हुए कहा गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर कार्रवाई करें।