बागपत। मौसम के करवट बदलते ही वायरल ने पैर पसार लिए हैं। जुकाम खांसी के अलावा बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी अस्पतालों और नर्सिंग होम में मरीजों की भरमार है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी बुखार की चपेट में है। डॉक्टरों का कहना है कि दवा के साथ-साथ बचाव किए जाने से भी वायरल से बचा जा सकता है। सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट डॉक्टरों के यहां वायरल के मरीजों की भरमार है। शरीर में तेज दर्द होना, गले में दर्द और खराश, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सामान्य रूप से कमजोरी, उल्टी, सिर भारी होना और तेज बुखार, नाक बहना, हर थोड़ी देर में खांसी की शिकायत और आंखों में जलन होना बुखार के प्राथमिक लक्षण है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन करना चाहिए। तुलसी के पत्ते में खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी रोगों से लड़ने की शक्ति है। बदलते मौसम में तुलसी के पत्तियों को उबालकर या चाय में डालकर पीने से नाक और गले का इंफेक्शन दूर हो जाता है और राहत मिलती है।
इसलिए बढ़ रहा बुखार
बारिश के बाद मौसम में बदलाव हो रहा है। कभी धूप तो कभी बादल छा रहे है। ठंड और गर्मी के कारण लोगों को बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। सीएमएस डॉ. बीएल कुशवाह ने बताया कि मौसम बदलने के कारण सामान्य बुखार के मरीज आ रहे हैं। दवा के साथ सावधानी बरतने से बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकता है।
खांसी के मरीज भी बढ़े
बागपत। मौसम में बदलाव के साथ खांसी के मरीज बढ़ रहे हैं। खांसी को भी वायरल का ही असर माना जाता है।