बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली से हरिद्वार जाने वाली ट्रेनों मेें कांवड़ियों की संख्या को देखकर जीआरपी और रेलवे पुलिस बल के हाथ-पैर फूल गए हैं। पुलिस की सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेनों की छतों पर कांवड़ियों के बैठकर यात्रा करने से हो रही हैं। उन्हेें नीचे उतारने मेें पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
दिल्ली से सहारनपुर रेल मार्ग पर कांवड़ स्पेशल, दिल्ली-ऋषिकेश ट्रेन में पिछले कई दिनों से हजारों कांवड़िया आ रहे हैं। ये सभी दिल्ली और इस मार्ग के गांवों के निवासी है। दोपहर, शाम और रात में दिल्ली से चलने वाली ट्रेनों में यू तो ट्रेनों के अंदर भी कांवड़िया बैठते हैं, लेकिन अधिकांश तौर पर युवा कांवड़ियां ट्रेन की छत पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं। जो जीआरपी और रेलवे पुलिस का सिर दर्द बन गया है। ऐसी दशा मेें दुघर्टना की जिम्मेदारी जीआरपी और रेलवे पुलिस की है। परिणाम स्वरूप जीआरपी और रेलवे पुलिस को ट्रेनों की छत पर बैठकर यात्रा करने वाले कांवड़ियों को नीचे उतारना भारी परेशानी का सबब बना है। रविवार को भी यह हालात रही। जीआरपी थानाध्यक्ष किरणराज का कहना था कि कांवड़ के दौरान दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त पुलिस कर्मी तैनात किए। स्टेशन व ट्रेनों के अंदर घूमने वाले संदिग्ध युवकों की तलाश ली जा रही है। छत पर बैठे कांवड़ियों से भी नीचे उतरने का आग्रह किया जा रहा है।