बागपत। बहु प्रतीक्षित मेरठ-पानीपत रेल लाइन के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट जारी किया लेकिन 104 किमी की रेल लाइन के सर्वे का काम शुरू नहीं हुआ। सहारनपुर और मेरठ मंडल के मंडलायुक्त की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार रेलवे बोर्ड को पत्र लिखेगी। इसके बाद रेलवे बोर्ड सर्वे शुरू करेगा। वेस्ट यूपी के लिए इस रेल लाइन को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई दशक से मेरठ-पानीपत रेल लाइन का कार्य लटका है। वेस्ट यूपी के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में से एक रेलवे लाइन की मांग को देखते वर्ष 2015 में रेल बजट में इसकी घोषणा की । टीकरी के शिव कुमार राठी ने आरटीआई के तहत रेल लाइन की प्रगति का सवाल पूछा तो कई तथ्य सामने आए हैं। रेल मंत्रालय ने कहा है कि यह प्रोजेक्ट अभी ऑन गोइंग प्रोजेक्ट है। इसके लिए 32 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं, लेकिन अभी तक सर्वे का कार्य ही पूर्ण नहीं हुआ है। सर्वे के प्रस्ताव के लिए फाइल मंडल आयुक्त मेरठ एवं मंडल आयुक्त सहारनपुर के पास है। दोनों मंडलायुक्त की रिपोर्ट शासन को जाएगी और यहां से रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। इसके बाद सर्वे का काम शुरू होगा। रेलवे लाइन को सत्र 2016-17 की पिंक बुक में शामिल किया था। तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इस लाइन को तीन साल में पूर्ण कर जनता के लिए रेल चलाने का वादा दिया था, लेकिन आज तक यहां सर्वे कार्य भी पूरा नहीं हुआ है।
रेलवे लाइन से क्षेत्रीय लोगों को मिलेगा लाभ
बागपत। पानीपत-मेरठ रेलवे लाइन के बनने से मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली जनपद क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा। इसके अलावा सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद और हापुड़ और अन्य जिलों के लोग भी पानीपत जाने के लिए इस रेल मार्ग का प्रयोग कर सकेंगे। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
एडिशनल कमिश्नर से मिलने पहुंचे बागपत के लोग
दोघट। सोमवार को टीकरी कस्बे के लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने मास्टर महेंद्र सिंह राठी के नेतृत्व में एडिशनल कमिश्नर मेरठ से मुलाकात की। लोगों ने कहा मेरठ पानीपत रेल लाइन की मांग पिछले 50 साल से चल रही है। इसके बनने से क्षेत्र का विकास होगा और लोगों को रेल की सुविधा मिलेगी। प्रतिनिधि मंडल में शिव कुमार राठी, सुशील आर्य, प्रमोद कुमार, बिजेंद्र सिंह, गंगाराम विकास राठी शामिल रहे।
मुजफ्फरनगर-बागपत के बीच खींचतान
बागपत। मेरठ-पानीपत रेल लाइन को मुजफ्फरनगर और बागपत जिले के लोगों के बीच भी खींचतान हो चुकी है। बागपत के लोगों का कहना है कि यह लाइन टीकरी, दाहा और झूंडपुर से होकर गुजरेगी। जबकि मुजफ्फरनगर के लोगों का कहना है कि लाइन खतौली और बुढ़ाना क्षेत्र से होकर गुजरेगी। पिछले वर्ष लाइन को लेकर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बयान भी दिए थे, इसके बाद चौगामा क्षेत्र में कई मीटिंग कर नाराजगी जताई गई। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने भी रेलवे के अधिकारियों से बात की । हालांकि सर्वे नहीं होने के कारण अभी यह तय नहीं है कि यह लाइन कहां से गुजरेगी।