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प्रशासन के 16 लाख वसूली के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोका

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बागपत। ग्वाली खेड़ा गांव स्थित दादू बलराम महाविद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक पर 16 लाख की वसूली के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। वहीं जांच के आदेश को भी गैरकानूनी बताया।
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दादू बलराम संस्कृत महाविद्यालय, ग्वाली खेड़ा की कुछ लोगों ने डीएम से शिकायत की, अवगत कराया कि महाविद्यालय में छात्रावास नहीं है। लड़कियों के रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायत के आधार पर तत्कालीन डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने सीडीओ चांदनी सिंह को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अफसर से इसकी जांच करवाई, इसमें उन्होंने बिना जांच किए वहां पर छात्रावास न होने की रिपोर्ट लगा दी । इसके बाद सीडीओ ने डीआईओएस को 16 लाख की वसूली के आदेश दिए। प्रबंधक साधुराम स्वामी ने बताया कि महाविद्यालय में छात्रावास है, जो आदेश दिए, वह गलत थे। विश्वविद्यालय स्तर से दो किस्तों में इसकी धनराशि आई, इससे निर्माण पूरा हो गया है। छात्रावास मौजूद है। प्रशासन के 16 लाख वसूली के आदेश की हाईकोर्ट में अपील की। नवंबर माह में इसके आदेश जारी हुए थे। अब हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 16 लाख की वसूली पर रोक लगा दी है। अफसरों के जांच आदेश को क्षेत्राधिकार से बाहर बताया। जो जांच आदेश दिए हैं वह उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है। इसे देखकर वसूली पर रोक लगा दी, वहीं अधिवक्ता पवन तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने उन्हें महाविद्यालय का छात्रावास निर्माण से लेकर सभी प्रक्रियाओं का प्रमाण पत्र दिया हुआ है। जिला प्रशासन स्तर से की गई जांच गलत है। इसके लिए विश्वविद्यालय से भी जांच हो चुकी है। जिला प्रशासन ने जो आदेश जारी किया था वह पूरी तरह गलत था। इसके बाद हाईकोर्ट में पैरवी की गई।
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