बागपत। नियमों को ताक पर रखकर बागपत में कुछ लोग मनमर्जी खाद्य पदार्थ तैयार कर रहे हैं और उनकी सप्लाई कर रहे हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हर किसी को अपनी दुकान का पंजीकरण कराना होगा। नियम और शर्तें को पूरा करने के बाद ही पंजीकरण स्वीकार किया जाएगा। यदि कोई अवैध रूप से दुकान चलाता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
बागपत में खाद्य पदार्थ तैयार करने और बेचने वाली 1575 दुकानें का पंजीकरण हो रहा है। इसके अलावा सैकड़ों ऐसे दुकानें हैं, जो गली मोहल्लों में चल रही है और अफसरों को जानकारी भी नहीं है। कई बार पता चलने पर कर्मचारी उनको हिदायत देकर छोड़ आते है, लेकिन अब ऐसे नहीं होगा। हर किसी दुकानदार को अपनी दुकान का पंजीकरण कराना होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहीत अधिकारी चितरंजन कुमार ने कहा बगैर पंजीकरण कराई कोई भी व्यक्ति खाद्य सामग्री न बना पाएगा और न ही बेच जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि वह समय से अपनी दुकान का पंजीकरण कराए। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। दुकानदार पंजीकरण ऑन लाइन भी करा सकता है।
पांच साल तक का होगा पंजीकरण
बागपत। अधिकारियों का कहना है कि दुकान का पंजीकरण एक साल से पांच साल तक के बीच का होता है। दुकानदार और उसके कारोबार पर निर्भर करता है कि उसको कितने समय का पंजीकरण कराना है। समय-समय पर पंजीकरण का नवीनीकरण कराया जाता है।
बागपत का मावा दिल्ली में सप्लाई
बागपत। जनपद में मावा की 100 से अधिक भट्टी है। दूध व्यापारी आसपास के इलाके से दूध लेकर भट्टी पर पहुंचाते है। वहां से मावा तैयार होकर दिल्ली सप्लाई होता है।
मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा
बागपत। अभिहीत अधिकारी चितरंजन कुमार का कहना है कि खाद्य पदार्थ के निर्माण में मिलावट की जा रही है। दर्जनों सैंपल प्रयोगशाला में फेल जो चुके हैं। इस संबंध में नोटिस दिए गए है। यदि फूड्स निर्माता संतुष्ट जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट नहीं करने दी जाएगी।