बड़ौत (बागपत)।
अमर उजाला में मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित खबर बाल विकास परियोजना कार्यालय में घोर लापरवाही के चलते विभागीय अधिकारियों की गैर मौजूदगी में उतारा जा रहा पुष्टाहार से प्रशासनिक अफसर हरकत मेें आ गए हैं। उन्होंने खबर का संज्ञान लेकर सीडीपीओ को लापरवाही करने वाली कर्मचारी से स्पष्ट मांगने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य मेें ऐसी लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
उल्लेखनीय है कि बड़ौत तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 384 आंगनबाड़ी केंद्र स्थित है। प्रति आंगनबाड़ी केंद्र में 40 से 50 बच्चे हैं। शासन की योजना के तहत हर महीने बच्चों को पुष्टाहार वितरित करने के लिए बाल विकास परियोजना कार्यालय पर लाखों रुपयों की कीमत का पुष्टाहार भेजा जाता है, लेकिन हर महीने बिना किसी अधिकारी और कर्मचारी की देखरेख के चलते पुष्टाहार उतारा जाता है। इससे इसमेें खेल होने की आशंका बनी हुई है।
सोमवार को भी पुष्टाहार घोर लापरवाही के चलते अधिकारियों की गैर मौजूदगी में उतरा गया। पुष्टाहार उतारने के दौरान वहां पर न तो कोई सुपरवाइजर थी और न ही सीडीपीओ सारधा। कितना स्टॉक आया है और कितना स्टॉक गोदाम पर उतरा है, इसकी किसी भी अधिकारी को जानकारी नहीं है। इस मामले को अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने सीडीपीओ सारधा को इसमें लापरवाही बरतने वाली कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं। स संबंध मेें एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा लापरवाही बर्दास्त नहीं है। संबंधी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। सीडीपीओ सारधा ने कहा मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।