बड़ौत। मलकपुर के खिलाड़ियों ने दुनिया भर में डंका बजाया है, लेकिन यहां के ग्रामीण नकारा सिस्टम के सामने बेबस हो गए हैं। जलनिकासी नहीं होने के घरों का पानी गलियों में भर जाता है। कई घरों में दरार आ चुकी है। गांव में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा गया है। जलभराव के कारण लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। इससे बच्चे और महिलाएं बीमार हैं।
मलकपुर गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव से यहां जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों से पानी नालियों तक पहुंचता है, लेकिन जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है। पिछले वर्ष नाला खुदाई का कार्य रोक दिया गया। तालाब पर अतिक्रमण हटवाने के लिए प्रशासन ने चिंहिकरण कर लिया है, इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने कहा जलनिकासी की व्यवस्था कराना प्रशासन का काम है, लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं है। यहां कई घर ऐसे हैं, जिनमें दरार आ चुकी है। यही नहीं सड़कें भी बैठने लगी है। जिस गली में जलभराव है, इसके आसपास के घरों में बच्चे और महिलाएं बीमार हैं। ग्रामीणों ने कहा समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जनप्रतिनिधियों का विरोध किया जाएगा।
ग्रामीण हवा सिंह, मनोज तोमर, सतेंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार, देश पाल सिंह, नरेश कुमार, विजय पाल ने कहा जलभराव रोज रहता है, लेकिन हल्की बारिश मेें गांव की गलियों में तीन फुट तक गंदा पानी जमा हो जाता है। बारिश रुकने के बाद तक गलियों मेें पानी भरा रहता है। स्कूली बच्चे परेशानी झेलने को मजबूर हैं। रामरती, सुदेश देवी, देशपाल और नरेश का कहना है कि मकानों में दरार आ चुकी है। मकानों के गिरने का डर सता रहा है।
गंदगी के कारण बीमारियां फैल गई है। मूर्ति देवी, धर्मपाल, शेखर, छोटू, नितिन, साक्षी, अंकिता, पूजा, सुनीता और रेखा समेत अन्य महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल, पेट दर्द, बुखार, चर्म रोग से पीड़ित हैं। ग्राम प्रधान कृष्णपाल ने कहा बारिश होने के कारण गांव में जल निकासी नहीं होने के कारण जलभराव और अन्य समस्याएं खड़ी हो गई है। तालाब पर अतिक्रमण है, नाले की खुदाई नहीं हो सकी है।