कलक्ट्रेट में टेंडर फार्मों की जांच करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नगर पालिका द्वारा विकास कार्यों के लिए करीब दो करोड़ के टेंडर कलेक्ट्रेट में खोले जाने थे। शहर लोगों ने अफसरों से टेंडर प्रक्रिया में घपले का आरोप लगाते हुए शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने जांच की तो शिकायत सही मिली और टेंडर को निरस्त कर दिया।
शहर निवासी संजय प्रजापति ने नगर पालिका की ओर से 21 जगहों पर किए जाने वाले निर्माण और अन्य विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए एसडीएम से शिकायत की थी। करीब दो करोड़ से कार्य कराना जाना प्रस्तावित था। एसडीएम विवेक कुमार यादव और नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के सामने शुक्रवार शाम टेंडर खोले गए।
इसमें शिकायतकर्ता के अनुसार ही जो ठेकेदारों के नाम एसडीएम को बताए थे, उन्हीं ठेकेदारों के नाम से टेंडर खुले। यह देखते ही एसडीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए टेंडर को निरस्त कर दिया। नगर पालिका के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी।
वहीं संजय प्रजापति ने कहा कि जो नाम ठेकेदारों के बताए गए थे उनसे मिलीभगत कर हर बार उन्हीं के नाम ठेका छोड़ा जाता था। इस कारण मानक के अनुसार कार्य नहीं हुए। इस तरह के कार्यो पर प्रतिबंध नहीं लगा तो इसकी शिकायत सीएम दफ्तर पहुंचकर करेंगे। मानक के अनुसार शहर में विकास कार्य हो, इसके लिए संघर्ष किया जाएगा। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने कहा जो शिकायत मिली थी उसी के अनुसार ठेकेदारों के नाम सामने आए, इसी कारण टेंडर प्रक्रिया निरस्त करा दी गई है।