बड़ौत (बागपत)। एक भी बच्चा छूटा तो समझो सुरक्षा चक्र टूटा। पोलियो को जड़ से खत्म करने के लिए चलाए जा रहे अभियान इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से संचालित नहीं हो सके। फरवरी के बाद से अब तक पल्स पोलियो अभियान चलाया ही नहीं जा सका। जिस कारण जनपद में लगभग 2.69 लाख बच्चों को पल्स पोलियो ड्राप्स मिल ही नहीं पाई।
बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए अभियान चलाकर ड्राप पिलाई जाती है। अभियान के तहत एक दिन बूथ दिवस का आयोजन होता है। बूथ दिवस के अगले दिन से घर घर दस्तक देकर पोलियो ड्राप पिलाने का अभियान एक सप्ताह तक चलता है। जनपद में 31 जनवरी को पल्स पोलियो अभियान के तहत बूथ दिवस मनाया गया था। इसके बाद सात फरवरी तक घर घर दस्तक देकर पोलियो ड्राप पिलाने का अभियान चला। इस दौरान जनपद में 2.42 लाख बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दो बूंद जिंदगी की पिलाई जानी थी। मगर, 20 हजार से अधिक बच्चे बिना ड्राप पिलाएं रह गए। छूटे बच्चों की सूची स्वास्थ्य विभाग ने लगभग तैयार कर रखी थी और लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण अब अभियान चलाया ही नहीं गया। नतीजा यह हुआ कि जनपद के सुरक्षा चक्र टूटने के कारण अब यह सभी 2.42 लाख बच्चों को पोलियो ड्राप नहीं पिलाई जा सकी। इस अवधि में सात हजार 580 बच्चे और बढ़ गई। यानि अब कुल 2.69 लाख बच्चों को पल्स पोलियो ड्राप्स मिल ही नहीं पाई।
ये थी स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
31 जनवरी से शुरू हुए पल्स पोलियो अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रो प्लान बनाया था। जनपद में कुल 783 बूथ लगाए गए थे। बूथों पर आने वाले नौनिहालों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए निर्देशित किया गया था। जनपद में कुल 2.42 लाख से अधिक बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया था। 46 के करीब मोबाइल टीम, 64 ट्रांजिट टीम और 493 घर-घर दवा पिलाने के लिए टीम बना दी गई थी।
अब 27 जून को बूथ दिवस की तैयारी
कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है। ऐसे में पल्स पोलियो अभियान दोबारा चलाने को लेकर स्वास्थ्य महकमे ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के टीकाकरण विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक को पत्र भी भेज दिया है।
आला अफसरों ने 27 जून को पल्स पोलियो अभियान के तहत बूथ दिवस का आयोजन करने की तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घर घर दस्तक देकर भी अभियान चलाए जाने की तैयारी करने को कहा गया है। बदलाव न हुआ तो 27 जून को बूथ दिवस होगा। - डॉ. विजय कुमार, सीएचसी अधीक्षक, बड़ौत।