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सिस्टम हुआ लाचार, आखिर क्या करें 45 हजार किसान?

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बागपत। मलकपुर चीनी मिल पर गन्ने के बकाया भुगतान का मामला बागपत से लखनऊ और दिल्ली तक गूंज रहा है। सॉफ्ट लोन की प्रक्रिया लखनऊ में चल रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा सरकार के गन्ना राज्यमंत्री किसानों से वायदा कर चुके हैं, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। किसानों के बीच पनप रहे आक्रोश के चलते केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने आखिरकार गन्ना राज्यमंत्री को पत्र लिखा।
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बागपत की मलकपुर चीनी मिल से करीब 45 हजार किसान जुड़े हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बकाया भुगतान भी मुद्दा बना। सियासत के मंच पर सभी राजनीतिक दलों ने भुगतान का भरोसा दिलाया, लेकिन किसानों की झोली खाली है। असल में मिल को सॉफ्ट लोन दिलाने की प्रक्रिया लखनऊ में विचाराधीन है। चीनी मिल ने 317 करोड़ रुपये का लोन मांगा, लेकिन वर्तमान में मिल पर करीब 312 करोड़ रुपये बकाया है। बागपत विधायक योगेश धामा, छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने गन्ना राज्यमंत्री से मिलकर भुगतान दिलाने की मांग की, अब केंद्रीय राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने पत्र लिखा है। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ बड़ौत में सख्ती का एलान करके गए थे, लेकिन हालात नहीं सुधरे।


भुगतान नहीं मिलना सरकार की नाकामी
सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि भुगतान नहीं दिया जाना सरकार की नाकामी है। सरकार में शामिल लोग ही भुगतान की मांग कर रहे हैं, तो भुगतान दिलाएगा कौन।
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भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि भाजपा सरकार किसानों के मुद्दे पर फेल हो गई है। न गन्ने का दाम बढ़ा और न ही भुगतान दिलाया जा सका। आखिर किसान क्या करें।
रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना का कहना है कि सरकार में शामिल लोग अगर विपक्ष की तरह भुगतान की मांग करेंगे तो सरकार के हालात समझें जा सकते हैं। जनप्रतिनिधियों का दायित्व किसान समस्याओं का समाधान कराना है।
कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राम कुमार चौधरी का कहना है कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और गन्ना मंत्री ने भुगतान दिलाने की बात कही, लेकिन हकीकत अब सबके सामने हैं।

वेंडर नहीं संभाल पा रहे जिम्मेदारी : धूम सिंह
बागपत। मलकपुर गन्ना समिति के चेयरमैन धूम सिंह का कहना है कि बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। नए पेराई सत्र में पर्चियों की जिम्मेदारी वेंडरों को दी गई है, इस वजह से व्यवस्था बिगड़ी हुई है। समितियों को अगर यह काम दिया जाए तो एक सप्ताह में सिस्टम पटरी पर आ जाएगा।
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