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मोबाइल टॉवर पर चढ़ने वालों पर होगी कार्रवाई

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बागपत। जिले में मोबाइल टॉवर पर चढ़ने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई का मन बना लिया है। मोबाइल टॉवर कंपनियों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। पुलिस टॉवर कंपनियों को लीगल नोटिस देने की तैयारी कर रही है। यदि अब कोई टॉवर पर चढ़ा तो उसके खिलाफ धारा 309 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बामनौली और जौहड़ी में मोबाइल टॉवर पर चढ़ने वाले दोनों लोगों के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी।
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बामनौली गांव में अपनी मांगे पूरी कराने के लिए तीन बार किसान मोबाइल टॉवर पर चढ़कर हाई वोल्टेज ड्रामा कर चुके हैं। शुक्रवार को भी गांव में किसान राम कुमार टॉवर पर चढ़ गया । सीओ चकबंदी के आश्वासन पर नीचे उतरा। वहीं शनिवार को जौहड़ी गांव में आबिद नामक युवक आवारा पशुओं का प्रबंध करने की मांग को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। अब लोगों के मन में यह बात बैठ गई है कि टॉवर पर चढ़ने से तुरंत समस्या का समाधान हो जाता है। पुलिस इनसे तंग आ चुकी है। पुलिस ने मोबाइल टॉवर पर चढ़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है। बामनौली और जौहड़ी में टॉवर पर चढ़ने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी।
एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लोग टॉवर पर चढ़कर सीधे तौर पर अधिकारियों को ब्लैकमेल करते है। यदि अप्रिय घटना हो जाए तो इसका कौन जिम्मेदार होगी। मोबाइल टॉवर कंपनियों को लीगल नोटिस देकर टॉवर पर लॉक करने का सिस्टम लगवाने के लिए कहा जाएगा। यदि इसके बाद टॉवर कंपनी टॉवर पर लॉक सिस्टम नहीं लगवाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यदि अब कोई किसान या अन्य लोग टॉवर पर चढ़ा तो उसके खिलाफ तुरंत धारा 309 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए है कि इस मामले में सख्ती से कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि यदि किसी की समस्या का जिला स्तर के अधिकारी समाधान नहीं कर रहे हैं तो इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करें। कानून के हिसाब से चले। किसी को भी कानून हाथ में लेकर काम नहीं करने देंगे।
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किसान मजबूरी में उठाता है कदम
बागपत। बामनौली के पूर्व प्रधान महिपाल सिंह ने बताया कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया से किसान परेशान हैं। उन्हें जमीन नहीं मिल रही है। किसान अधिकारियों के दफ्तरों पर एड़ी रगड़ रहे हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। मायूस होकर किसान मजबूरी में इस तरह के कदम उठाता है। अफसर यदि लोगों की समस्याओं का सही तरीके से समाधान कर दें तो मोबाइल टॉवर पर चढ़ने की नौबत ही नहीं आएगी। लोगों के मोबाइल टॉवर पर चढ़ने के बाद अफसर दबाव में गलत काम को भी तुरंत कर देते हैं। अफसरों को इस तरह के सिस्टम बदलने की जरूरत है।

पेयजल टंकी ओवर हैड टैंक पर चढ़ चुके है लोग
बागपत। जिले में मोबाइल टॉवर के अलावा पेयजल टंकी के ओवर हैड टैंक पर लोगों ने चढ़कर अपनी बात मनवाई है, लेकिन आज तक पुलिस ने सबक नहीं लिया। चार साल पहले दाहा गांव में महिला ने पेयजल टंकी के ओवर हैड टैंक पर चढ़कर आठ घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा किया । इसके अलावा इसी टंकी से युवती ने कूदकर जान दे दी। वहीं अन्य गांवों में इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। जल निगम ने आज तक भी पेयजल टंकी के ओवर हैड टैंक पर चढ़ने वाले सिस्टम को लॉक करने की जरूरत नहीं समझी है। पुलिस को जल निगम को भी लीगल नोटिस देना चाहिए।
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