बागपत। अनाज की कालाबाजारी पहले ही शासन और प्रशासन के लिए सिर दर्द थी, अब नए अनाज घोटाले ने अफसरों को टेंशन दे दी है। शासन से हुए खुलासे के बाद जिले में भी आधार कार्ड के नंबर की डिजिट बदलकर पात्रों के स्थान पर अपात्रों की बायोमैट्रिक से अंगुलियों की छाप लेकर लाखों का अनाज घोटाला किया है। जांच में छह कोटेदारों जांच के घेरे में है, जिनके यहां 900 राशन कार्ड में गड़बड़ी पाई गई है।
राशन में धांधली की जांच शासन से हुई, जिसमें खुलासा हुआ कि आधार कार्ड की डिजिट बदलकर पात्रों के जगह अपात्रों की बायोमैट्रिक अंगुलियों की छाप लेकर अनाज की धांधली की गई। इसके बाद प्रदेश के हर जिले में जांच कराई जा रही है। जिला स्तर पर जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने भी तीन टीमें लगाकर जांच कराई, 80 प्रतिशत जांच पूरी हो गई है, जिसमें सामने आया कि छह कोटेदारों ने इसमें खेल किया है। करीब 900 राशन कार्डों का गलत तरीके से राशन हड़पा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब से पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनें लगी हैं तब से अब तक कोटोदारों ने करीब 55-60 लाख रुपये का घोटाला कर लिया गया होगा। जांच पूरी होने के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा, जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी। यहां तक दुकान को भी निरस्त किया जाएगा। थाने में धोखाधड़ी का भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों की टीम बनाई गई है, जिसने 80 प्रतिशत जांच पूरी कर ली है। छह राशन डीलर इसमें दोषी है। इनके खिलाफ कार्रवाई निश्चित है।
जिले के कंप्यूटर ऑपरेटर और बाहर के मास्टर माइंड हैं शामिल
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों की टीम ने जांच में पाया कि मशीनों में गड़बड़ी करने में बागपत के कंप्यूटर ऑपरेटर और दूसरे जिले से मास्टर माइंड शामिल है। जिनके खिलाफ आरोप सिद्ध होगा, उनके खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में मुकदमा थाने में दर्ज होगा।