बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर कांवड़ियों का रैला पहुंच रहा। केसरिया रंग और रंगबिरंगी और बड़ी कांवड़ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। शनिवार को हजारों की संख्या में कांवड़िये जिले में प्रवेश करने के रास्तों से होते हुए हरियाणा की ओर बढ़ते चले जा रहे है। जगह-जगह लगे शिविरों में कांवड़ियों की सेवा की गई।
शिवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। बड़ौत-बुढ़ाना, दाहा-बरनावा और दिल्ली-सहारनपुर हाइवे केसरिया रंग में रंगा हुआ है। रंगबिरंगी कांवड़ों को देखने के लिए लोग रोड पर खड़े हो जाते हैं। जगह-जगह कांवड़ियों के लिए कोई पानी की व्यवस्था कर रहा है तो किसी ने आराम के लिए चारपाइयां बिछा रखी हैं। सेवा शिविरों में शिवभक्तों के लिए सभी सुविधाएं हैं। लजीज व्यंजन कांवड़ियों को परोसा जा रहा है। हाइवे पर भगवान आशुतोष के जयकारे गुंजाएमान हो रहे हैं। शिविरों में सैकड़ों की संख्या में शिवभक्त थकान उतार रहे हैं। कुछ निरंतर अपने गंत्व्य की ओर बढ़ते जा रहे हैं। भोले की मस्ती और बोल बम-बम के जयकारे लगाते हुए सैकड़ों मील की दूरी तय करते हुए निरंतर बढ़ रहे है। सेवा शिविरों में आराम करने के लिए गद्दे, खाने के लिए लजीज व्यंजन, ठंडी हवा के लिए बड़े-बड़े कूलर लगाए हुए हैं। चोटिल होने और पैरों के छालों सहित अन्य रोगों का उपचार के लिए चिकित्सक भी मौजूद हैं जो जांच के बाद दवा दी जा रही है। भोले के भक्तों के सामने सड़क के गड्ढे आड़े आ रहे और न ही तपती दोपहरी। कांधे पर कांवड़ और मुख पर बम-बम के जयकारे लगाते कदम से कदम मिलाकर बढ़ते जा रहे हैं।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम ने किया निरीक्षण
बागपत। कांवड़ मार्गों पर जर्जर और लटके हुए तार, खुले में रखे ट्रांसफार्मर, खंभों पर लगे बोर्ड का निरीक्षण करने के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय मेरठ की टीम पहुंची। टीम में सहायक प्रबंधक रामकृपाल पाठक ने विद्युत अधिकारियों के साथ मार्गों का निरीक्षण किया। जहां भी लापरवाही नजर आई तुरंत अधीनस्थ को ठीक कराने के निर्देश दिए। कहा कि कांवड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कोई हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार संबंधित अधिकारी होंगे। कांवड़ मार्गों पर कहीं भी जर्जर और लटके हुए तार न हों। खंभों पर खतरे का बोर्ड भी लगाया जाए। अधिशासी अभियंता राजीव कुमार आर्य ने बताया कि करीब 145 खंभों पर डेंजर बोर्ड लगा दिए गए हैं। एसई रामवीर सिंह, बड़ौत अधिशासी अभियंता राजवेंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
31 शिविरों में भोजन की जांच
बागपत। शनिवार को खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी चितरंजन कुमार ने 31 कांवड़ सेवा शिविरों में खाद्य वस्तुओं की जांच पड़ताल की। यहां उन्हें सब कुछ ठीक मिला। सभी संचालकों को निर्देशित किया साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। कटे हुए फल कांवड़ियों को न बांटे, पानी ढक कर रखें और उसमें बर्फ न डालें। खाने-पीने की वस्तुओं में ब्रांडेड कंपनियों के मसालों का इस्तेमाल किया जाए।
कांवड़ लाने से हो रहे रिश्ते मजबूत
बागपत। परिवार के साथ कांवड़ लाने के वालों में रिश्ते पर गहरे हो रहे हैं। हरिद्वार से पैदल हरियाणा को जाने वाले कांवड़ियों में कोई सगी बहनें मिली तो कोई भाई। कोई चाचा के साथ कांवड़ लिया तो कोई अपने मौसी के लड़कों के साथ। हरियाणा के रेवाड़ी के गांव नाहार के रहने वाली सावित्री अपनी बहनों सविता और तारली के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर पहुंची। वहीं प्रदीप ओर संदीप भी एक साथ कांवड़ लाए। सबसे ज्यादा कांवड़ लाने वाले में दोस्तों की संख्या रही।
पीएचसी का किया निरीक्षण
दाहा। बिनौली सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अतुल बंसल ने दाहा पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। यहां पर कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई कांवडिय़ों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सेवाभाव से सभी का कार्य करना है। शासन से मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जाएगी। पीएचसी प्रभारी डॉ. मकसूद अनवर, फार्मेसिस्ट संजय, वार्ड बॉय ब्रहम सिंह मौजूद रहे।
गड्ढों से निकल गया मेटिरियल
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर प्रशासन द्वारा भरवाए गए गड्ढों की पोल खुल गई है। अधिकांश गड्ढों में भरा मेटिरियल बाहर निकल गया है। वहीं बड़े गड्ढों पर किसी का ध्यान नहीं गया है। कंकरीट के कारण कांवड़ियों के जख्म हरे हो रहे हैं। प्रशासन कांवड़ियों की पीड़ा को नहीं समझ रहा है।