बागपत। प्रापर्टी के कम खरीददार न मिलने के कारण रियल स्टेट कारोबार ठप है। जमीनों की बिक्री नहीं हो रही है। इससे सरकार को भी राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है। प्रापर्टी के बाजार में मंदी की मार को देख डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं की। पिछले वर्ष के रेट को मान्य किया।
जमीनों के मूल्यांकन के लिए प्रत्येक वर्ष पहली अगस्त से नए सर्किल रेट जारी होते हैं। मंदी की मार के चलते रियल स्टेट के कारोबार जमीनोंदाज होता जा रहा है। जिले की तीनों तहसीलों में प्रापर्टी के खरीददार नहीं मिल रहे हैं। इस कारण जमीनों जिसके पास जितनी थी उतनी ही है। कम दाम में भी कोई जमीन लेने को तैयार नहीं हो रहा है। खरीद और बिक्री न के बराबर देखने को मिली। इससे प्रापर्टी डीलर, बिल्डरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं सरकार को भी राजस्व की बड़ी हानि हो रही है।
डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने बताया कि एसडीएम बागपत, तहसीलदार, उप निबंधक, एडीएम वित्त एवं राजस्व और सहायक महानिरीक्षक निबंधक से रियल स्टेट में मंदी पर रिपोर्ट मांगी। इनकी रिपोर्ट में लिखा गया है कि आर्थिक परिवर्तनों से मंदी बढ़ी है, ऐसे में सर्किल रेट बढ़ाए जाने से सरकार को राजस्व की हानि होगी, इसलिए पहली अगस्त 2016 को जारी किए सर्किल रेट को ही मान्य करने का निर्णय लिया गया है। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रापर्टी की जिले में कम खरीद हो रही है। अगर रेट बढ़ा दिए जाते हैं तो राजस्व का नुकसान तो होगा ही, इससे गरीब लोग जमीन नहीं खरीद सकेंगे। इस लिए सर्किल रेट नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
सरकार को होता राजस्व का नुकसान
सहायक महानिरीक्षक निबंधन राम दयाल का कहना है कि प्रापटी की खरीद प्रभावित हो रही है। ऐसे में नए रेट लागू हो जाते, तो सरकार को और अधिक राजस्व का नुकसान हो सकता था। यही कारण है कि इस बार सर्किल रेट नहीं बढ़ेंगे। आम लोगों को भी इससे राहत मिलेगी।