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मौत की दीवार गिरी तो मवीकलां में पसरा मातम

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बागपत। ईंट भट्ठे पर हुए दर्दनाक हादसे से हर कोई दुखी है। किशोरी ज्योति बृहस्पतिवार को पहली बार मजदूरी करने के लिए गई थी। इससे पहले उसकी मां ओमकारी दीवार की लिपाई करने के लिए भट्ठे पर जाती थी। युवती रूबी की शादी होने वाली थी, लेकिन इससे पहले हादसे से रूबी की भी मौत हो गई। घायल काजल की हालत गंभीर बनीं है। गांव में गम का माहौल है।
ईंट भट्ठे पर पिछले दो सप्ताह से दीवारों की लिपाई का कार्य चल रहा है। गांव की दर्जनों महिला-पुरुष, युवती और किशोरी काम करने के लिए भट्ठे पर जाती है। सर्दी ज्यादा होने के कारण छह-सात दिन तक काम बंद रहा था। पिछले तीन दिन से दोबारा काम शुरू किया था। परिजनों ने बताया कि विजयपाल की पत्नी ओमकारी ही काम करने के लिए जाती थी। उसकी 15 वर्षीय बेटी पहली बार ही लिपाई करने के लिए भट्ठे पर बृहस्पतिवार को गई । पहले ही दिन हादसे में उसकी मौत हो गई। जबकि रूबी पिछले कई दिन से लगातार कार्य करने के लिए जा रही थी। ग्रामीण धर्मपाल सिंह समेत अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। हादसे के चश्मदीद ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ, रूबी और ज्योति बैठकर दीवार की लिपाई कर रही थी, जबकि काजल ड्रम पर खड़ी होकर कार्य कर रही थी। अचानक दीवार गिर गया। इससे पहले किसी को जरा भी आभास नहीं था कि दीवार गिर जाएगी। किसी को अपने जान बचाने का भी मौका नहीं मिला।
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दो माह पहले हो गया था
किशोरी के पिता का निधन
बागपत। किशोरी ज्योति के पिता विजयपाल की दो माह पहले बीमारी से मौत हो गई थी। ज्योति के दो भाई और दो बहन हैं। वहीं रूबी के चार बहन और दो भाई है।

मां-बाप चीखते रहे, जिंदगी-मौत के बीच फंसी बिटिया
बागपत। ग्रामीणों के मुताबिक काजल अपने पिता बिजेंद्र और माता मैम कलां के सामने ही दीवार के नीचे दबी है। मलबे में दबी काजल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। बिटिया को मौत के भंवर में देखकर मां-बाप के हाथ पैर फूल गए। दोनों चीखते रहे। गंभीर हालत में काजल को अस्पताल में भर्ती कराया है।

ये मजदूर काम कर रहे थे हादसे के समय
बागपत। मवी कलां निवासी बबलू अपनी पत्नी पिंकी के साथ दीवार पुताई का काम कर रहा था। इसके अलावा बिजेंद्र, उसकी पत्नी मैम कलां, बेटी काजल, रूपेश पुत्र पीतम, निर्दोष पुत्र जयपाल, पूनम पत्नी निर्दोष, सोनिया पुत्री वीरपाल भी काम कर रही थी।


किसी को 200 और किसी को 300 की मजदूरी
बागपत। मजदूरों ने बताया कि ज्योति के उम्र की लड़की-लड़कों को 200 रुपये की मजदूरी मिलती है। जबकि अन्य को तीन सौ की मजदूरी है।

भट्टा मालिक ने हर संभव मद्द का दिया आश्वासन
बागपत। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवारों को भट्टा मालिक ने हर संभव मद्द करने का आश्वासन दिया गया है।

बाल श्रम के केस में फंस सकता है भट्टा मालिक
बागपत। मृतक किशोरी ज्योति की उम्र 15 साल है। जो बाल श्रम की श्रेणी में आती है। ऐसी स्थिति में भट्ठा मालिक पर शिकंजा कसा जा सकता है। इस बारे में बालैनी थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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भट्ठे की दीवार गिरने से पहले में भी हो चुकी है मौत
बागपत। भट्ठे की दीवार गिरने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले फैजपुर-निनाना गांव के एक परिवार के चार सदस्य पड़ोस में स्थित भट्ठे पर काम करते समय दीवार के नीचे दब गए थे। इससे उनकी मौत हो गई थी।
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