बागपत। मौसम के गर्म होते मिजाज से भले ही लोगों को ठंडक से राहत मिल रही हो, लेकिन यह किसानों के लिए खतरा है। मौसम अगर इसी तरह गर्म होता रहा तो गेहूं की पैदावार प्रभावित होगी। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम ठीक नहीं है, इस वजह से अब गेहूं की बुवाई करना ठीक नहीं रहेगा।
वर्तमान समय में क्षेत्र में किसान गन्ने की छिलाई के बाद खेतों में या तो चारा या फिर गेहूं की बुवाई कर रहे हैं, लेकिन मौसम किसानों का साथ देने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। पिछले 15 दिन की बात करें तो सिर्फ तीन या चार दिन ही मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल नजर आया। असल में तापमान जितना न्यूनतम रहेगा, गेहूं की फसल को उतना ही फायदा होगा और पैदावार भी बेहतर होगी, लेकिन वर्तमान समय में न्यूनतम तापमान भी चार डिग्री और अधिकतम तापमान भी 20 डिग्री पार पहुंच चुका है, ऐसे में गेहूं की फसल की बेहतर पैदावार खतरे में है। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के कृषि वैज्ञानिक डा.ॅ गजेंद्र सिंह ने कहा मौसम का बदलता मिजाज रबी की फसलों के लिए ठीक नहीं है। ऐसे किसान जो इन दिनों भी गेहूं की बुवाई कर रहे हैं, उन्हें बुवाई रोक देनी चाहिए। इससे गेहूं की पैदावार निश्चित तौर पर प्रभावित होगी।
क्या करें किसान
बागपत। गन्ने का इंडेंट समय पर नहीं मिलने के कारण किसान परेशान हैं। ऐसे सैकड़ों किसान हैं, जिनके पास सामान्य और रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना है। किसानों का गन्ना मिलें नहीं खरीद रही है, इस कारण अधिकांश किसान अभी तक गेहूं की बुवाई नहीं कर सके थे। अब मौसम भी इन किसानों का साथ नहीं दे रहा है।
क्या कहते हैं किसान
बागपत। सरूरपुर कलां गांव के किसान सुभाष नैन, कृष्णपाल सिंह, जयविंद्र का कहना है कि किसान पर मौसम की मार ही नहीं बल्कि आवारा पशु भी परेशान हैं। गेहूं और जई के खेतों में आवारा गोवंश घूमते देखे जा सकते हैं, इस कारण इस बार गेहूं को खतरा है।