बड़ौत (बागपत)।
सरकारी विद्यालयों मेें फर्नीचर लगने की अमर उजाला की मुहिम आखिरकार रंग लाने लगी है। ग्राम प्रधानों की सहमति के बाद अब जल्द ही विद्यालयों में ग्राम पंचायत की धनराशि से फर्नीचर लगाने का काम शुरू होगा। इस संबंध में बीडीओ ने ग्राम सचिवों और ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया है। वहीं अभिभावकों में हर्ष की लहर दौड़ गई।
उल्लेखनीय है कि पिछले 10 दिन से अमर उजाला ने सरकारी विद्यालयों मेें बच्चों के लिए फर्नीचर लगवाने की मांग को प्रमुखता से प्रकाशित किया। अमर उजाला द्वारा चलाएं जा रहे इस मुद्दे को गुराना गांव मेें कुछ दिन पूर्व हुई पंचायत में सहमति देते हुए कमेटी गठित कर गांव-गांव जाकर अभिभावकों व ग्रामीणों को विद्यालयों में फर्नीचर लगवाने के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी । कमेटी के सदस्यों ने अभियान के द्वारा सैकड़ों अभिभावकों द्वारा हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभागीय अफसरों को फैक्स भेजा। फर्नीचर लगवाने की बढ़ती मांग को देखकर शासन से विद्यालयों में ग्राम पंचायत की धनराशि से फर्नीचर लगवाने की अनुमति मिल गयी है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी हो चुका है। शासनादेश मेें स्पष्ट है कि विद्यालय ग्राम पंचायत की संपत्ति है। इसमें टूट-फूटी, मरम्मत, रंग-पुताई के अलावा फर्नीचर भी लगवाया जा सकता है। इसको लेकर अभिभावकों सहित ग्रामीणों मेें हर्ष की लहर दौड़ गयी। उन्होंने अमर उजाला का आभार जताया। इस संबंध में बीडीओ प्रेमचंद ने कहा विद्यालयों में 14वे वित्त आयोग से ग्राम पंचायत की धनराशि से फर्नीचर लगाया जा सकता है। इस संबंध मेें शासनादेश जारी हुए है, क्योंकि विद्यालय ग्राम पंचायत की संपत्ति है। उधर ग्राम प्रधान छछरपुर अनिल कुमार एडवोकेट व ग्राम प्रधान गुराना रणधीर का कहना था कि उन्हें ग्राम पंचायत की धनराशि से विद्यालय मेें फर्नीचर लगवाने पर कोई आपत्ति नहीं है। जल्द ही गांव के विद्यालयों में फर्नीचर लगाने का काम शुरू होगा।