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आईटीआई के 40 विद्यार्थी करेंगे शौचालयों का सत्यापन

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बागपत। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) किए गांवों का आईटीआई के छात्र-छात्राएं हाल जानेंगे। शौचालयों का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं और कितने लोगों ने खुद के साधन से निर्माण कराया है। इसकी जानकारी प्रारूप पर तैयार कर विभाग को देंगे। जो कमी मिलेगी अफसर उसका संज्ञान लेकर दूर कराएंगे।
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प्रशासन ने जिले के 135 गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने का दावा किया है। दावे की सच्चाई को जानने के लिए अफसरों की सत्यापन समिति बनाई है जो गांवों में पहुंचकर ओडीएफ की मानकों के अनुसार जांच कर रही हैं। माजरे और ग्राम पंचायतों को भी ओडीएफ करने के लिए सर्वे के जिम्मेदारी सत्यापन समिति के अफसरों को दी है। अब अफसरों के साथ-साथ आईटीआई खेकड़ा के 40 विद्यार्थियों को शौचालयों के सत्यापन जिम्मेदारी दी। जो सभी ब्लॉक के हर गांव में जाकर शौचालय की जानकारी जुटाएंगे। गांवों में घर-घर जाकर शौचालय की स्थिति देखेंगे। परिवार के लोगों ने अपने साधन से निर्माण कराया या प्रशासन ने इसमें सहयोग किया। इसके अलावा गांव में कितने लोग खुले में शौच करने के लिए जाते हैं। घरों में स्वच्छ शौचालय का इस्तेमाल कितने परिवार करते हैं। पुराने को नया दर्शाकर इसकी भी जांच होगी। इन सभी जानकारियों की जिला पंचायत राज विभाग द्वारा जारी किए प्रारूप पर तैयार कर अफसरों को देंगे। इसके अलावा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। डीपीआरओ संजय कुमार यादव ने बताया कि शौचालयों के थर्ड पार्टी सत्यापन के लिए आईटीआई के 40 छात्र-छात्राओं को जिम्मेदारी दी। उन्होंने कुछ ब्लॉक में कार्य शुरू कर दिया । जहां भी कमी मिलेगी, उसको दुरुस्त कराया जाएगा।

सत्यापन से खुल सकता है फर्जीवाड़े का खेल
आईटीआई के विद्यार्थियों से ओडीएफ गांवों में शौचालयों की स्थिति की जांच में फर्जीवाड़ा भी सामने आ सकता है। काफी जगहों पर पुराने शौचालयों को नई दर्शाकर धनराशि हड़पी गई है। ऐसा एक या दो गांवों में नहीं बल्कि अधिकांश में इस तरह का खेल हुआ है। कई गांव ऐसे हैं, जहां लोग खुले में शौच करने जाते है उसे भी ओडीएफ की श्रेणी में रखा है।
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