चांदीनगर (बागपत)। रटौल गांव में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं रहे रहा है। बृहस्पतिवार को बुखार और पीलिया से ग्रस्त एक ओर युवक की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति काफी आक्रोश है।
खेकड़ा क्षेत्र के रटौल गांव में बुखार कहर बनकर टूट रहा है। गांव का युवक तोसीन (35) पुत्र साबिर पिछले 15 दिन से बुखार से पीड़ित था। उसका पहले इलाज गांव के निजी चिकित्सक से चल रहा था। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजनों ने उसको दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां पर उसका इलाज चल रहा था। इस दौरान उसको पीलिया भी हो गया था। बृहस्पतिवार को उसकी अचानक हालत बिगड़ गई। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। गांव शोक में डूबा हुआ है। इससे पहले पांच लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। अभी भी दर्जनों की संख्या में लोग बुखार से ग्रस्त है। इनमें राहुल, गुल्लू, शमशीदा प्रियंका, रुखसार, जाने आलम, सना, भोलू, दीपक, अजय, नौशाद, शकील,भूरू, रुकैया, आसमा, कल्लू, जुगनू, बलेराम शामिल हैं।
दूसरी तरफ गांव रटौल में जमील की पत्नी यासमीन (45) बुखार होने पर अपने घेर में गोबर उठा रही थी, तभी गिर गई। परिजनों ने अस्पताल में भेजा, वहां के चिकित्सक की सलाह पर परिजन उसे दिल्ली ले जाने लगे तो महिला ने दम तोड़ दिया। इस हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। उधर सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा नेकहा गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
कब जागेगा स्वास्थ्य विभाग, प्रदर्शन
चांदीनगर। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बुखार कहर बरपा रहा है। वे स्वास्थ्य कैंप की कई बार मांग कर चुके हैं। इसके लिए प्रदर्शन भी किया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसको लेकर काफी आक्रोश है। उन्होंने प्रदर्शन कर मांग की है कि गांव में कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कराया जाए। इस मौके पर इकराम, साजिद, पंकज, वकील, नौशाद रामकिशन, पप्पू, तंजीम, अनीस, फरीद, सोनू आदि रहे।