बड़ौत (बागपत)।
वर्ष 2010 और वर्ष 2016 में क्षेत्र में लगे कीमती पेड़ो के अवैध कटान में मिलीभगत के आरोप में निलंबित कर्मचारी को सचल टीम का प्रभारी बनाने की क्षेत्रवासियों की शिकायत अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो विभागीय अफसरों सहित प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेकर वन विभाग के वन संरक्षक मेरठ ने तत्काल प्रभाव से सचल टीम के बनाएं गए सचल प्रभारी को प्रभारी पद से हटा दिया है। उन्हें बागपत वन कार्यालय से अटैच कराने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछलें कई दिनों से क्षेत्रवासी पूर्वी यमन नहर स्थित वन कार्यालय पर तैनात उप वनक्षेत्राधिकारी मदन पाल पर क्षेत्र में अवैध कटान कराने का आरोप लगा रहे थे। क्षेत्रवासियों ने बताया था कि अवैध कटान के मामले मेें जांच के बाद लिप्त पाने पर मदन पाल को तत्कालीन क्षेत्राधिकारी ओम सिंह ने वर्ष 2016 में हटाया । इससे पूर्व भी वर्ष 2010 में मदन पाल को बिनौली वन क्षेत्र के कोहिनाबाद वन ब्लाक में कीमती पेड़ व भारी मात्र में अवैध कटान में जांच कर निलंबित किया, इसके बावजूद वन विभाग के अफसरों ने मदन पाल को वन विभाग की सचल टीम का प्रभारी बना दिया। अमर उजाला ने क्षेत्रवासियों की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो वन विभाग के अफसरों सहित प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया।
मामला को संज्ञान में लेकर वन विभाग मेरठ के वन संरक्षक ललित वर्मा ने तत्काल प्रभाव से मदन पाल को सचल टीम के प्रभारी पद से हटा दिया है और उन्हें वन विभाग कार्यालय बागपत से अटैच कर दिया है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने वन संरक्षक मेरठ और अमर उजाला जताया। इस संबंध मेें वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह ने कहा कई बार मदन पाल को अवैध कटान मेें लिप्त पाने पर निलंबित किया। फिलहाल उन्हें विभागीय कार्यालय से मदन पाल को सचल टीम के प्रभारी पद से हटाने की जानकारी मिली है। आभार जताने वालों में नरेंद्र, विनीत, रवि, बिल्लू, विकास, मनोज, राजेंद्र, प्रमोद, सुशील आदि रहे।