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पाइप पेयजल योजना पर प्रधान और जल निगम आमने-सामने

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बागपत। तीन गांवों की पाइप पेयजल योजना पर ग्राम प्रधान और जल निगम आमने-सामने आ गए हैं। सांसद आदर्श गांव पलड़ी, तवेला गढ़ी और बड़ा गांव में योजना पूरी हो चुकी है, लेकिन प्रधान इस योजना को अपनी सुुपुर्दगी में लेने के लिए तैयार नहीं है। प्रधानों का दावा है कि योजना में खामियां हैं, गांव को कोई लाभ होने वाला नहीं है। जल निगम ने सीडीओ को पत्र लिखकर योजना स्थानांतरित कराने की मांग की है। सीडीओ का कहना है कि वह दोनों पक्षों की स्थिति जानकारी आगे की कार्रवाई करेंगे।
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करोड़ों की लागत से जिले में पाइप पेयजल योजना संचालित कराई गई है, लेकिन ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। लीकेज पाइप सबसे बड़ी समस्या है। ग्रामीणों का दावा है कि सिर्फ दो इंच के पाइप बिछाए गए हैं, जो कि गलत हैं। जल निगम ने तवेला गढ़ी, सांसद आदर्श गांव पलड़ी और बड़ा गांव की योजना को प्रधानों को हैंडओवर करने का प्रयास किया, लेकिन ग्राम प्रधानों ने इसे सुपुर्दगी में लेने से इंकार कर दिया है। पलड़ी गांव की प्रधान के पति श्रीपाल राजपूत का कहना है कि पेयजल योजना का गांव के लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है।

गिनाई समस्याएं, यह है खामियां
सांसद आदर्श गांव पलड़ी की प्रधान के पति श्रीपाल राजपूत का कहना छह माह से मोटर फुंकी हुई है। गर्मी के मौसम में पानी की सप्लाई नहीं होती है। 14-15 लाख रुपये का बिजली का बिल बकाया है। तीन वर्ष से ऑपरेटर की वेतन नहीं दिया। टंकी और पाइप लीकेज यहां की समस्या बने है।
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तवेला गढ़ी गांव के ग्राम प्रधान राजीव कुमार ने बताया कि आठ-दस लाख रुपये बिजली का बिल बकाया है। जगह-जगह पाइप लीकेज है। कई बस्तियों में पाइप लाइन नहीं बिछी हुई है। गांव का मजरा पट्टी बंजारन में पाइप नहीं बिछे हैं। इसी वजह से टंकी को अपनी सुपुर्दगी में नहीं ले रहे हैं। समस्या का समाधान हो जाए तो टंकी को हैंडओवर कर लेंगे।

क्या कहता है जल निगम
जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय कुमार गौतम ने सीडीओ पीसी जायसवाल को पत्र लिखा। इसमें अवगत कराया कि दोनों गांव में पाइप पेयजल योजना का कार्य पूरा हो चुका है। ग्राम प्रधान इसे अपनी सुपुर्दगी में ले लें, ताकि सही प्रकार से जलापूर्ति हो सके। जल निगम के पास इतना बजट नहीं है कि वह ओवर हेड टैंक संरक्षित और संचालित कर सके। सीडीओ से कार्रवाई की मांग की।

78 गांव में मजाक बन गई पाइप पेयजल योजना
बागपत। पाइप पेयजल योजना जिले के 78 गांव में संचालित है, लेकिन अधिकतर गांव में 50 फीसदी ग्रामीणों को भी शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो सका है। यही वजह है कि ग्राम प्रधान और ग्रामीण आए दिन योजना पर सवाल उठा रहे हैं।

पेयजल योजना की कराएंगे जांच : सीडीओ
बागपत। सीडीओ पीसी जायसवाल का कहना है कि जिन गांवों के प्रधान पेयजल योजना को हैंडओवर नहीं ले रहे हैं, उनका पक्ष भी सुना जाएगा। पूरे प्रकरण की जांच होगी और प्रयास किया जाएगा कि गर्मी का मौसम आने से पहले गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
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