बागपत। बारिश थमने के बाद भी यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। जिले में यमुना खतरे के निशान पर बह रही है। हथिनी कुंड बैराज से 29 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में स्थिति कंट्रोल में है। किसी भी गांव में खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी से यमुना खतरे के निशान पर पहुंच गई है। गाजियाबाद के पचारा गांव में खतरे का निशान 209.11 मीटर पर है, जबकि सोमवार को जिले में यमुना 210.35 मीटर के जलस्तर पर बह रही है। इससे जिले के जागोस और कोताना गांव में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कई गांव में किसानों की फसलों जलमग्न हैं। खेकड़ा क्षेत्र स्थित सुभानपुर गांव में फार्म हाउस पानी में डूब गया है। यमुना में डूबी फसलों को देखकर किसान मायूस हैं। इससे पशुओं के सामने चारे का संकट गहरा गया है। यमुना में बाढ़ को देखकर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। कटान वाले स्थानों से लोगों को दूर रहने की सलाह दी जा रही है। शहर का यमुना घाट तक पानी आने के कारण पिकनिक स्थल बना हुआ है। सैकड़ों लोग यमुना का पानी देखने पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखकर यमुना घाट पुलिस बल तैनात किया। वहीं गोताखोरों को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
हिंडन का जल स्तर बढ़ा, फसलें र्हुइं जलमग्न
बागपत। यमुना के साथ-साथ हिंडन का भी जल स्तर बढ गया है। इससे निकटवती क्षेत्रों में किसानों की फसलों में पानी भर गया है। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है। यहां भी बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले ही तैयारियां पूरी कर ली थी। विभिन्न गांवों में बाढ़ चौकियां बनाई गई है। जिसको अलर्ट जारी किया। किसानों से भी अपील की जा रही है बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न जाए।
यमुना में नहा रहे युवकों को खदैड़ा
बागपत। लोगों की यमुना देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। कुछ बच्चों यहां पर नहा रहे थे। अनहोनी घटना को देखते हुए पुलिस कर्मियों ने युवकों को वहां से खदैड़ा। पक्का घाट के निकट गोताखोर भी तैनात कर दिए।
किसानों की खेतों में हुआ कटान
बागपत। यमुना में पानी के तेज बहाव के कारण खेतों में कटान शुरू हो गया है। जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि में यमुना में चली गई है। इससे किसानों को लाखों रुपये को नुकसान पहुंचा है।