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सड़क मंत्रालय की टीम ने किया दौरा, 28 से पहले पूरा करें एक्सप्रेस-वे

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बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) के निर्माण की प्रगति जानने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने दौरा किया। एनएचएआई के सीजीएम डॉ. बीएस सिंगला ने कहा कि 135 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य 28 अप्रैल से पहले पूरा किया जाना है। विश्व स्तरीय तकनीक से निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 29 अप्रैल को कर सकते हैं।
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दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया। वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के साथ मिलकर यह दिल्ली के चारों ओर रिंग रोड बन जाएगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए भारी वाहनों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रहेगी। शनिवार को एनएचएआई के सीजीएम डॉ. बीएस सिंगला, एनएचएआई के सदस्य डॉ. नीरज वर्मा और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के निजी सचिव वैभव डांगे के नेतृत्व में टीम ने एक्सप्रेस-वे का निर्माण देखा। सोनीपत के कुंडली से टीम एक्सप्रेस-वे पर पहुंची। सेवली में बनाए जा रहे टोल प्लाजा का निर्माण देखा और इसकी विशेषताएं गिनाईं। बागपत मेें निर्माणाधीन यमुना पुल और खेकड़ा में रेलवे ओवरब्रिज को देखा। सिंगला ने बताया कि 28 अप्रैल तक निर्माण कार्य पूरा करना है। एक्सप्रेस-वे की प्रगति रिपोर्ट सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजी जाएगी। एक्सप्रेस-वे के भ्रमण के लिए पहुंची हाई लेवल टीम इसके बाद गाजियाबाद से होते हुए वापस दिल्ली लौट गई।

बागपत में 20 किमी का टुकड़ा
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। जिले के गांव काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलमगिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव के रकबे से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरता है।
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