बड़ौत (बागपत)।
मतदाता सूची में जीवित लोगों को मृतक दर्शाकर जाट शिक्षा सभा के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वाले वीरेंद्र पाल लौहड्डा को उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के क्रम मेें डिप्टी रजिस्ट्रर सोसायटीज एंड चिट मेरठ के आदेश पर अध्यक्ष पद से निष्कासित किया। साथ ही सुमन तोमर पक्ष को अध्यक्ष जाट शिक्षा महासभा और बिजेंद्र सिंह को मंत्री की मान्यता दे दी। बुधवार को नव नियुक्ति प्रबंध समिति ने नियमानुसार पद ग्रहण कर कई प्रस्ताव पारित किए हैं।
जाट शिक्षा सभा के नवनियुक्त मंत्री बिजेंद्र सिंह ने बताया जाट शिक्षा महासभा के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पाल लौहड्डा ने अध्यक्ष पद पर मतदाता सूची में जीवित लोगों मेें महावीर सहित सैकड़ों लोगों को मृतक दर्शाकर चुनाव लड़ा । इसके खिलाफ सुमन तोमर पत्नी राजबीर सिंह बड़ौली ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया । कई साल चले मामले के बाद उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सुमन तोमर के पक्ष मेें अपना फैसला सुनाया है, साथ ही डिप्टी रजिस्ट्रार सोसायटी एंड चिटस मेरठ को वीरेंद्र पाल लौहड्डा को अध्यक्ष पद से निष्कासित करने के आदेश दिए । उच्च न्यायालय के आदेश पर डिप्टी रजिस्ट्रार ने वीरेंद्र पाल लौहड्डा के गुट को उनके पदों से निष्कासित कर सुमन तोमर पत्नी राजबीर सिंह बड़ौली और बिजेंद्र सिंह को मंत्री पद पर मान्यता दी। डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश पर एसडीएम अरविंद द्विवेदी ने कोतवाली प्रभारी को मौके पर भेजा और आदेश के अनुसार कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद नव नियुक्ति प्रबंध समिति जाट शिक्षा कार्यालय में पहुंची। इस दौरान प्रबंध समिति ने सर्वसम्मति से आजीवन सदस्यता नये मतदाता बनाने का प्रस्ताव, जाट शिक्षा सभा द्वारा संचालित सभी संस्थाओं का स्पेशल आडिट करने, सभा द्वारा शीघ्र अस्पताल खोलने और डॉ. अमित राणा को विधिक सलाहकार और डॉ. हरीश वीर सिंह को प्रेस प्रवक्ता बनाया। राजबीर बड़ौली के पक्ष में फैसला आने पर सभा के आजीवन सदस्यों ने हर्ष जताया। इस की अध्यक्षता उपाध्यक्ष जगबीर सिंह ने की। संचालन मंत्री बिजेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर राजेश, सुनील, साहब सिंह, बिजेंद्र सिंह, जयवीर मलिक, करण पाल, राजबीर सिंह, डॉ. कृपाल सिंह आदि शामिल रहे। उधर, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पाल लौहड्डा ने कहा शासन के दबाव मेें डिप्टी रजिस्टर ने बिना कारण से सुमन पक्ष के गुटों को मान्यता दी है। इस आदेश के खिलाफ कोर्ट में अपील होगी।