शिक्षा मित्रों ने किया हाईवे जाम कर मांगा हक
बागपत। समायोजन रद किए जाने से नाराज शिक्षामित्रों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे जाम कर हक मांगा। करीब आधा घंटे बाद एसडीएम और सीओ ने किसी तरह उन्हें शांत कर जाम खुलवाया। वक्ताओं ने कहा कि अन्याय सहन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट में दूसरे दिन भी धरना दिया गया जबकि बीएसए आफिस का ताला लटका रहा।
शनिवार को कलेक्ट्रेट में धरने के दौरान शिक्षा मित्रों ने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। अपने हक के लिए वे पीछे नहीं हटेंगे। शिक्षामित्रों को प्रदेशीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ ने समर्थन दिया। वहीं ग्राम प्रधान संगठन और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी समर्थन के लिए पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि सरकार उनकी आवाज नहीं बन रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। किसी के भविष्य को खराब करने का किसी को भी कोई अधिकार नहीं होता है। ये लोग 17 वर्षों बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं। टीईटी की बाध्यता थोपना गलत है। उन्होंने कहा कि 2001 में नियुक्त होकर आए शिक्षकों को भी टीईटी के दायरे में लिया जाए।
धरने के बाद नाराज शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम कर दिया। एसडीएम विवेक कुमार और सीओ दिलीप सिंह ने इन्हें किसी तरह मनाकर जाम खुलवाया। करीब आधा घंटे तक हाइवे जाम रहा। प्राथमिक शिक्षक संघ के राकेश यादव, महामंत्री राजकुमार शर्मा, विकास मलिक, लोकेश शर्मा, प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रामपाल धामा, भाकियू से सतीश प्रधान, कुशलता चौहान, राजेश पंवार, सचिन शर्मा, राहुल भारत, बिजेंद्र भाटी, भरत शर्मा, अरुण कुमार, मोहम्मद असलम, देवेंद्र मौजूद रहे। उधर, शिक्षामित्रों के विरोध के चलते कलक्ट्रेट में पुलिस और पीएसी तैनात रही। धरनास्थल के चारों और फेार्स तैनात रहा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी होती रही।
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बीएसए ऑफिस पर लटका रहा ताला
बागपत। शिक्षामित्रों के धरने प्रदर्शन के चलते दूसरे दिन भी बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर ताला लटका रहा। विभागीय कर्मचारी इधर-उधर घूमते रहे। कुछ कर्मचारी ताला बंद कर अपने जरूरी कार्यों को निपटाने में लगे थे।
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विधायकों की ली जाए परीक्षा
बागपत। धरने पर चुटकियां लेने का दौर भी चला। वक्ताओं ने कहा कि यूपी के विधायकों को भी परीक्षा में शामिल करना चाहिए। शिक्षामित्र उनके साथ परीक्षा देने को तैयार हैं, यहां तक कहा कि विधायक परीक्षा पास नहीं कर सकते तो वह क्यों परीक्षा दें।