बड़ौत (बागपत)।
आश्वासन के बाद भी 15 दिन के अंदर दोबारा पैमाइश नहीं कराए जाने से खफा पीड़ित किसानों ने 16 जून से फिर बड़ौत चकबंदी अधिकारी के सामने आमरण-अनशन की चेतावनी दी है।
25 मई को चकबंदी प्रक्रिया में धांधली के खिलाफ गांव के 11 पीड़ित व्यक्तियों ने तहसील में आमरण-अनशन शुरू किया था। छह दिन आमरण अनशन पर रहने के बाद चकबंदी अधिकारी बड़ौत ने उन्हें आश्वासन दिया था कि 15 दिनों के अंदर उनके चकों की पैमाईश करा दी जाएगी। पांच चकों की प्रतिदिन पैमाइश कराई जाएगी। इस आश्वासन पर 30 मई को आमरण अनशन समाप्त कर दिया गया था, लेकिन आज तक किसी भी चक की पैमाइश नहीं कराई गई। इस संबंध में उन्होंने चकबंदी अधिकारी बड़ौत को पत्र सौंपा। चेतावनी देते हुए कहा कि चकों की पैमाइश कराकर कब्जा दिलाया जाए, नहीं तो वे 16 जून को तहसील परिसर में चकबंदी कार्यालय के सामने परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठेंगे। मौके पर राजन तोमर, जहान सिंह, मनोज, भूपेंद्र, कृष्णपाल, रामकुमार, महक सिंह, राजकुमार, संजीव, प्रकाशी, महावीर आदि थे।