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एमपी में किसानों की हत्या से संगठनों ने जताया रोष

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बागपत। मध्यप्रदेश में लाठीचार्ज और फायरिंग में पांच किसान की मौत का हर कोई रोष जाता रहा है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया। केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की।
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बुधवार को भाकियू ने मध्यप्रदेश में किसानों की हत्या के विरोध प्रधानमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा मध्यप्रदेश में जलिया वाला बाग की याद ताजा कर दी है, फर्क इतना है तब अंग्रेजी हुकूमत थी और अब मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार है। सरकार से मांगे मानी जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसमें चौधरी इंद्रपाल, प्रदीप गुर्जर, सोहनवीर सिंह, योगेश, आशीष शर्मा, धर्मवीर, सुनील कुमार, नरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
रालोद कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। इसमें किसानों की हत्या पर रोष जताकर दिवंगत किसानों को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा किसानों की मांगे पूरी की जाए। इसमें ओमबीर ढाका, रामपाल धामा, ओमबीर सिंह तोमर, परशुराम, विक्रम पांचाल, नीरज पंडित, सुरेंद्र, कंवर पाल, रामबीर आदि मौजूद रहे। वहीं सरूरपुर कलां गांव में भी मध्य प्रदेश की घटना का विरोध किया । किसानों के हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांगे उठी। इसमें डॉ. शालिनी राकेश, सुभाष नैन, रामपाल सिंह, सुधीर, इंद्रपाल, रोहिताश सिंह, बारा, विपुन नैन, सलमान, यूसुफ आदि रहे।
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किसानों पर अत्याचार सहन नहीं होगा
दोघट। मध्य प्रदेश में किसानों पर लाठी चार्ज और फायरिंग कर किसानों की हत्या कर दी। किसानों में रोष है। चौगामा किसान क्लब अध्यक्ष देवेंद्र राणा ने कहा किसान अन्नदाता होता है खुद भूखा रहकर दूसरों का पेट भरने के लिए अन्न पैदा करता है। राष्ट्रीय मजदूर किसान परिषद अध्यक्ष डॉ. रणवीर सिंह राणा ने कहा किसानों की आवाज दबाकर सरकार ने किसान विरोधी होने का प्रमाण दे दिया है। किसान अधिकार आंदोलन के संयोजक नरेंद्र राणा ने कहा किसानों पर गोलियां चलवाना बहादुरी नहीं है। भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी, मनोज पंवार ने मध्यप्रदेश सरकार के कारनामे की निंदा की।
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